पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ डिपो को देहरादून निगम से नई बसें मिलने का इंतजार है। पहाड़ पर चलने की मियाद पूरी कर चुकीं 10 बसों के बदले अब तक डिपो को नई बसें नहीं मिली हैं।
पिथौरागढ़ डिपो 62 बसों से लंबी दूरी और स्थानीय स्तर पर यात्रियों को सुविधा दे रहा है। इनमें से कई बसें सड़कों पर चलते-चलते अक्सर रुक जाती हैं। कई बसों की स्थिति ठीक नहीं हैं जिस कारण यात्रियों को यात्रा के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लंबी दूरी की बसें अक्सर यात्रियों को धोखा दे जाती हैं।
पहाड़ों की विषम भौगोलिक परिस्थिति में इन बसों को मरम्मत के साथ चलाना बेहद मुश्किल होता है। बसों के गियर बॉक्स में दिक्कत, ब्रेक फेल, टायर फटने की घटनाएं होती रहती हैं। इन सबके बावजूद पिथौरागढ़ डिपो को बसें नहीं मिली है। एआरएम रविशेखर कापड़ी ने बताया कि डिपो के पास 72 बसें थी जिनमें से 10 बसें पहाड़ पर चलने के मानक पूरा कर चुकी थी।
उन्हें मैदानी क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। 62 बसों को गुरुग्राम, दिल्ली, देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, टनकपुर, बरेली, झूलाघाट, धारचूला आदि क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। सभी बसों को वर्कशॉप में जांच के बाद ही भेजा जाता है। नई बसों के लिए शासन स्तर से ही कार्रवाई होनी है।