जिला मुख्यालय के पास पुनेड़ी वन पंचायत का जंगल आग से धधकता रहा। आग से उठने वाले धुआं समूचे चंडाक ट्रैकिंग रूट पर छा गया। इससे सुबह सैर के लिए जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोग तो धुएं के प्रदूषण के चलते आधे रास्ते से ही वापस आ गए।
सीमांत जिले में गर्मी बढ़ने के साथ ही आग लगने की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। अभी तक 55 हेक्टेयर वन क्षेत्र आग की भेंट चढ़ गया है। सोमवार की तड़के अराजक तत्वों ने पुनेड़ी के जंगल में आग लगा दी।
आग का धुआं चंडाक क्षेत्र तक फैल गया। इससे सुबह सैर पर जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रदूषण के चलते लोग सैर अधूरी छोड़ वापस लौट गए। यहां चीड़ के साथ ही बांज, देवदार, बुरांश का जंगल है। जंगल में वन मुर्गियां भी काफी संख्या में है। आग से उन्हें भी नुकसान पहुंचने की संभावना है। वन रेंजर दिनेश चंद्र जोशी ने बताया कि आग तड़के चार बजे लगाई गई थी। आग से .25 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम को मौके पर भेज आग पर काबू पा लिया गया है। उन्होंने बताया कि एक टीम निगरानी बड़ाबे और थलकेदार के जंगलों में भी भेजी गई है।०