स्वच्छता अभियान: शहरों कस्बों में की सफाई, निस्तारण की नहीं कोई व्यवस्थागांधी जयंती के मौके पर एक दिन पूर्व सभी स्थानों में व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। कूड़े का निस्तारण कहां किया जाएगा इसकी कोई तैयारी नहीं की गई। कुमाऊं के विभिन्न कस्बों, नगरों यहां तक कि जिला मुख्यालयों में कूड़ा निस्तारण के लिए कहीं ट्रंचिंग ग्राउंड की व्यवस्था नहीं की गई है। आसपास के जंगलों में कूड़ा निस्तारित किया जा रहा है। रोजाना सैकड़ों टन कूड़ा इन जंगलों में फैलाया जा रहा है। यह कू़डा हरियाली को दाग लगा रहा है। आसपास सड़कों, खेतों में फैलकर कूड़े से प्रूदषण फैल रहा है। किसी भी निकाय, पंचायत और पालिका के पास कूडें के स्थायी निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में गांधी जयंती पर सफाई अभियान तो चला लेकिन इसका निस्तारण कहां किया जाएगा इसकी कहीं कोई व्यवस्था नहीं की गई।जंगल की ओर डाला जा रहा कूड़े का ढेर
नैनीपातल में ट्रंचिंग ग्राउंड में लंबे समय से नहीं हो रहा कूड़े का निस्तारण
पिथौरागढ़। नगर पालिका के नैनीपातल ट्रंचिंग ग्राउंड में एक बार फिर कूड़े का पहाड़ लगने लगा है। ट्रंचिंग ग्राउंड से लगे 10 से अधिक गांवों के लोगों को दिक्कत होने लगी है। नगर पालिका ने कुछ समय पूर्व ट्रीटमेंट प्लांट लगाया था। कंपनी के साथ अनुबंध समाप्त होने के कारण ट्रीटमेंट प्लांट छह माह से बंद चल रहा है। इसके बाद कूड़े के ढेर को जंगल की ओर डाला जा रहा है।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार पिथौरागढ़ नगर में रोजाना 35 टन कूड़ा जमा होता है। इस कूड़े का निस्तारण पिथौरागढ़-धारचूला एनएच में स्थित नैनीपातल के जंगल में किया जाता है। पिछले साल नगर पालिका ने मई 2022 में नैनीपातल में वर्षों से जमा करीब 39,000 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण के लिए करीब नौ करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
हरियाणा की एक कंपनी ने यहां पर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर कूड़े का निस्तारण किया था। अब नैनीपातल में पिछले छह माह से कूड़े का निस्तारण बंद है, जिस कारण यहां कूड़े के बड़े-बड़े पहाड़ लग गए हैं। ट्रंचिंग ग्राउंड के पास सड़क तक कूड़ा पहुंच गया है। पालिका जेसीबी मशीन की सहायता से कूड़े को नीचे जंगल की ओर डालती रहती है। रोज 35 टन से अधिक कूड़ा डालने के कारण यहां पर कूड़ा सड़क तक पहुंचने लगा है। इससे बीसाबजेड़, नाघर, भूलागांव, नैनीपातल, सिरड़, खूना, पातलपोखरा, नैनीनयाबाद आदि गांवों के लोगों को दिक्कत हो रही है।
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नैनीपातल में ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर वर्षों से जमा कूड़े का निस्तारण किया गया था। पर्यावरण मंत्रालय से आपत्तियां निस्तारित होने के बाद ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का कार्य किया जाएगा। - राजदेव जायसी, ईओ, नगर पालिका, पिथौरागढ़।
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पर्यावरण मंत्रालय में अटका नया ट्रीटमेंट लगाने का प्रस्ताव
पिथौरागढ़। नगर पालिका ने नैनीपातल में ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए सरकार को पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। लंबे समय से यह प्रस्ताव पर्यावरण मंत्रालय में लंबित है। पर्यावरण मंत्रालय ने तीन आपत्तियां लगाकर नगर पालिका को भेजा है। इसमें नगर पालिका को वन्यजीव विभाग से एनओसी लेने, ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए जमीन बढ़ाने, विमान पत्तन से एनओसी लेने के लिए कहा है। संवाद
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कस्बों और गांवों से आने वाले कूड़ा के डालने पर लगाई रोक
पिथौरागढ़। नैनीपातल ट्रंचिंग ग्राउंड में ग्रामीण बाजार और विकासखंड के गांवों का कूड़ा भी नैनीपातल भेजा जा रहा है। नगर पालिका ने जिला पंचायत की ओर से यहां पर कूड़ा डालने पर रोक लगा दी है। जिला पंचायत ने ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए जिले के विभिन्न हिस्सों में जमीन तलाशने का कार्य शुरू कर दिया है। संवाद
पिथौरागढ़ नैनीपातल ट्रंचिंग ग्राउंड में लगा कूड़े का पहाड़। संवाद
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खूबसूरती और हरियाली को निगल रहा कूड़ा
चंपावत में ट्रंचिंग ग्राउंड भी नहीं, खेतीखान रोड पर फेंका जा रहा कूड़ा
शाम ढलते ही कूड़ेघर में तब्दील हो रहा गांधी चौक
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। पहली अक्तूबर को जोरशोर से स्वच्छता अभियान चला मगर 48 घंटे बाद सफाई के हालात जस के तस। खासकर स्टेशन रोड के पास गांधी चौक तो शाम ढलते ही कूड़ा घर में तब्दील हो रहा है। सुबह कूड़ा उठाए जाने तक यही हाल रहता है। वैसे चंपावत में कूड़ा निस्तारण का बंदोबस्त नहीं है। खेतीखान को जाने वाली सड़क के किनारे सेलाखोला के पास कूड़ा फेंकना मजबूरी बना है। इस वजह से शहर की खूबसूरती और हरियाली दोनों को नुकसान हो रहा है।
चंपावत में रोज सात टन से अधिक जैविक और अजैविक कूड़ा फेंका जाता है लेकिन इसके लिए खास व्यवस्था नहीं है। मुख्यालय में ट्रंचिंग ग्राउंड भी नहीं है। यहां से तीन किमी दूर खेतीखान रोड के किनारे शहर का कूड़ा फेंकना मजबूरी है। इसी स्थान से कुछ दूरी पर उद्यान विभाग की पौधशाला है। सड़क से नीचे कूड़ा फेंकने पर काफी कूड़ा सड़क पर भी पड़ा रहता है।
इस कारण यहां से आवाजाही करने वालों को भी दुर्गंध के बीच गुजरना होता है। चंपावत से खेतीखान जाने वाली इसी सड़क से होकर सर्किट हाउस को भी जाया जाता है। अब कूड़ा निस्तारण के लिए ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है।
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चंपावत में कूड़े के निस्तारण के लिए ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है। अगले साल से कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था हो जाएगी। अभी वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में निर्माणाधीन ग्राउंड के पास कूड़ा फेंका जा रहा है। गांधी चौक के पास कूड़ा फेंकने से रोकने के लिए सीसीटीवी सहित अन्य उपाय किए जाएंगे। - अशोक कुमार वर्मा, ईओ, नगर पालिका, चंपावत।
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कूड़ा दान विहीन है लोहाघाट, रोज दो बार उठता है कूड़ा
लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट की सफाई व्यवस्था ठीक है। ईओ अशोक अधिकारी का कहना है कि चंपावत जिले के इस पहले कूड़ा दान विहीन शहर के सभी सातों वार्ड में सुबह और शाम कूड़ा उठाया जा रहा है। इस कूड़े को शहर से छह किमी दूर मेलाखाल ट्रंचिंग ग्राउंड में फेंका जाता है। यहां प्लास्टिक कूड़े का निस्तारण कांपैक्टर मशीन में किया जाता है। लोहाघाट में सात स्थायी सहित कुल 22 पर्यावरण मित्र हैं। दो पिकअप जीप, एक ट्रक और एक टुकटुक हैं। संवाद