पिथौरागढ़। मुनस्यारी और धारचूला के त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों ने दोनों विकासखंडों को इनर लाइन की परिधि में लाने की मांग को लेकर चार मार्च से चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। तय किया गया कि 12 मार्च को मुनस्यारी के नौलड़ा में और 15 मार्च को जौलजीबी में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
पंचायत घर जौलजीबी में आयोजित महापंचायत में उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन के कार्यक्रम संयोजक जगत मर्तोलिया ने कहा कि जनता से बिना राय लिए समय-समय पर सरकारों ने इनर लाइन की सीमा को जौलजीबी और नौलड़ा से खिसकाते हुए चीन सीमा तक पहुंचा दिया है। मुनस्यारी में लाखुरी भेल और धारचूला में छियालेख से आगे का इलाका अब इनर लाइन की परिधि में है जिसका कोई औचित्य नहीं नहीं है।
तय किया गया कि चार मार्च को तहसील मुनस्यारी, तेजम, बंगापानी और धारचूला से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा जाएगा। इसमें इनर लाइन को छियालेख से शिफ्ट कर 150 किमी पहले जौलजीबी में और नाखुरीबेल से शिफ्ट कर 70 किमी पहले नौलड़ा (मुनस्यारी) बनाने की मांग की जाएगी।
इसके अलावा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और रक्षा मंत्री से मुलाकात के लिए प्रतिवेदन भेजा जाएगा। इस मौके पर मुनस्यारी की क्षेत्र प्रमुख भावना देवी, ग्राम प्रधान संगठन धारचूला के अध्यक्ष गोपाल सिंह मेहता, मुनस्यारी के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमय्या, जिपं सदस्य गंगोत्री दत्ताल, बीडीसी रेखा देवी, मनोज कुमार, प्रधान सरस्वती देवी, गीता परिहार समेत कई सदस्य मौजूद रहे।
लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी
पिथौरागढ़। जौलजीबी में आयोजित महापंचायत में पंचायत प्रतिनिधियों ने दो वर्ष का कार्यकाल बढ़ाए जाने की मांग को लेकर लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किए जाने का भी प्रस्ताव पारित किया। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार ने कानूनी आधार होने के बाद भी त्रिस्तरीय पंचायत का कार्यकाल दो साल नहीं बढ़ाया तो सीमा क्षेत्र के प्रतिनिधि लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। संवाद