पिथौरागढ़ में चल रही नकदी की किल्लत चलते धरने में बैठे लोग।
- फोटो : अमर उजाला
नकदी संकट को लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी बनी है। नकदी की समस्या को लेकर मुखर हुए लोगों ने एसबीआई मुख्य शाखा के सामने मौन व्रत रखकर नाराजगी जताई। क्षेत्रवासियों ने नकदी किल्लत की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय से करने की चेतावनी दी है।
सोमवार को एडवोकेट मनोज कुुमार जोशी समर्थकों समेत सिमलगैर स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा पहुंचकर सड़क किनारे मौन व्रत पर बैठ गए। उन्होंने शाम साढ़े चार बजे तक मौन व्रत रखा। इस बीच उनके दर्जनों समर्थक मौजूद रहे। इस दौरान आंदोलन के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इसमें दिन भर 2025 लोगों ने नकदी संकट के खिलाफ आंदोलन को समर्थन दिया।
मौन व्रत के समापन के बाद आंदोलनकारी जोशी ने कहा कि शादी का सीजन चल रहा है। नए सत्र के लिए अभिभावकों को पाठ्य सामग्री की खरीदारी करनी है, लेकिन उन्हें किसी भी एटीएम में नकदी नहीं मिल पा रही है। बाजार में नकदी का संकट गहराता जा रहा है। मांग के अनुरूप नकदी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
इससे आम लोग तो त्रस्त हैं ही, कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। एटीएम खाली पड़े हैं और शाखाओं में भीड़ लगी है। उन्होंने नकदी की किल्लत के लिए एसबीआई प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि समस्या होने के बाद भी बैंक इसे नजरअंदाज करता रहा। उन्होंने जल्द नकदी की आपूर्ति बहाल करने की मांग की।जल्द आपूर्ति सुचारु नहीं हुई तो आरबीआई के साथ ही वित्तमंत्री और पीएम से शिकायत की जाएगी। इस दौरान नीरज भट्ट, हिमांशु गड़कोटी, दीपक लोहिया, संतोष बिष्ट, धीरज जोशी, सपना चावला, पूरन सिंह, मदन सन्याल आदि थे।