पिथौरागढ़। नैनीसैनी एयरपोर्ट के विस्तार का विरोध करते हुए क्षेत्र के लोगों ने प्रदर्शन करते हुए अपनी जमीन देने से इन्कार किया है। उन्होंने कहा कि हवाई पट्टी बनाने के लिए पूर्व में उन्होंने अपनी जमीन दी। तब सरकार ने इसके बदले हर प्रभावित परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था जो आज तक पूरा नहीं हो पाया है। अब फिर से विस्तार की बात कर हमारी जमीन लेने की तैयारी हो रही है।
शुक्रवार को नैनीसैनी क्षेत्र के लोगों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा कि हवाई पट्टी के निर्माण के लिए उन्होंने अपनी उपजाऊ जमीन दी थी। तब सरकार ने हर प्रभावित परिवार के एक व्यक्ति को जमीन के बदले सरकारी नौकरी देने का वादा किया था। वर्षों बीतने के बाद भी किसी को नौकरी नहीं दी गई। न्यायालय ने भी सरकार को इसके आदेश दिए हैं लेकिन सरकार इस मामले में कोई कदम नहीं उठा रही है।
लोगों ने कहा कि इतने वर्षों के बाद अब एक बार फिर से हवाई पट्टी के विस्तार के लिए उनकी जमीन मांगी जा रही है। लोगों ने कहा कि हमारी जमीन लेने के साथ ही हमारे घर तोड़ने की तैयारी की जा रही है। लोगों ने कहा कि तीन दशक बाद भी सरकार अपना वादा पूरा नहीं कर सकी है। ऐसे में वे अब हवाई पट्टी के विस्तार के लिए एक इंच जमीन नहीं देंगे।
प्रदर्शनकारी लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जमीन देने के लिए उन पर दबाव बनाया गया तो वे किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। इस दौरान लोगों ने डीएम को ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में चंचल सिंह भंडारी, रमेश कसनियाल, अशोक महर, विजेंद्र खड़ायत, मोहित जोशी, रवि भंडारी, इंदर बम, राम सिंह भंडारी सहित कई जनप्रतिनिधि और अन्य लोग शामिल रहे।
हवाई पट्टी का विस्तार होने से टूटेंगे कई भवन
बीते दिनों नैनीसैनी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के प्रस्ताव को सरकार से हरी झंडी मिल गई है। एयरपोर्ट को थ्री-सी श्रेणी में उच्चीकृत किया गया है। एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए भूमि की जरूरत होगी। एयरपोर्ट के आसपास कई भवन बने हुए हैं। विस्तारीकरण की जद में आने वाले भवनों को भी हटाना होगा। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने इसके सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है। इसी बीच क्षेत्र के लोगों ने जमीन देने का विरोध शुरू कर दिया है। ऐसे में एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए भूमि की व्यवस्था करने के साथ ही इसकी जद में आ रहे मकानों को हटाना प्रशासन के लिए चुनौती होगा।
धान के कटोरे के रूप में जाना जाता है नैनीसैनी क्षेत्र
नैनीसैनी एयरपोर्ट के आसपास स्थानीय लोगों के उपजाऊ खेत हैं। इस क्षेत्र को धान के कटोरा के नाम से भी प्रसिद्धि मिली है। यह क्षेत्र बासमती सहित धान की अन्य प्रजाति के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। इसी जमीन पर पूर्व में नैनीसैनी एयरपोर्ट को धरातल पर उतारा गया है।