गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। सीमांत जिले के लोग सुविधाओं के अभाव में जीने के लिए मजबूर हैं। सिस्टम से उन्हें आश्वासन तो मिलता है पर सुविधाएं नहीं। सीएचसी गणाई गंगोली में छह महीने से डॉक्टर नहीं हैं। स्थानीय लोग लगातार डॉक्टर की नियुक्ति की मांग उठा रहे थे लेकिन उन्हें आश्वासन की घुट्टी पिलाई जा रही थी। मंगलवार को स्थानीय लोगों के सब्र का बांध टूट गया और लोगों ने अस्पताल में ताला जड़ दिया। हरकत में आए विभाग ने मौके की नजाकत को समझते हुए आधे घंटे के भीतर डॉक्टर की तैनाती के निर्देश जारी कर दिए।
दरअसल, सीएचसी गणाई गंगोली में छह महीने से एक भी चिकित्सक नहीं है। चिकित्सक न होने से क्षेत्र की 20 हजार से अधिक की आबादी को अस्पताल में इलाज मिलना बंद हो गया था। मरीज इलाज के लिए हल्द्वानी, अल्मोड़ा या जिला मुख्यालय जाने के लिए मजबूर थे। लंबे समय से चिकित्सकों की तैनाती की मांग कर रहे क्षेत्र के लोगों का मंगलवार को सब्र जवाब दे गया।
नौलिंग महोत्सव के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह मेहता और पूर्व जिला पंचायत सदस्य चंदन बाणी के नेतृत्व में जनप्रतिनिधि, व्यापारी और अन्य लोग सीएचसी पहुंचे और मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। गुस्साए लोगों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। लोगों का कहाना था कि जब इस अस्पताल में इलाज ही नहीं मिल रहा तो इसके दरवाजे खोलने का कोई औचित्य नहीं है।
यहां तैनात कर्मियों ने इसकी सूचना सीएमओ को दी तो विभाग में अफरातफरी मच गई। सीएमओ डॉ. एसएस नबियाल ने आधे घंटे के भीतर पीएचसी ग्वासीकोट में बांड पर तैनात चिकित्सक को सीएचसी में तैनाती के आदेश जारी करने पड़े। यहां तैनात कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को नियुक्ति पत्र दिखाया, तब जाकर अस्पताल का ताला खोला गया। अब सीएचसी में बांडधारी चिकित्सक व्यवस्था के तहत मरीजों का इलाज करेंगे। आदेश जारी होने पर लोग अस्पताल से लौटे और विभाग ने राहत की सांस ली।
प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान गणाई कमल उपाध्याय, प्रधान गुनाकीटान प्रकाश पाण, प्रधान भिनगड़ी कपूर लाल, जसवीर डोबाल, पारस बोरा, गिरीश बोरा, संदीप बोरा, मोहन जोशी, ललित उपाध्याय, सुंदर बोरा, भगवत शरण वर्मा, गोविंद पंत, मनोज कोहली, कुंदन मेहता, रमेश नियोलिया आदि मौजूद रहे।
कब तक लागू होगा यह आदेश, किसी को पता नहीं
लोगों के आक्रोश को शांत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी में अन्य अस्पताल के चिकित्सक की तैनाती के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश कब तक लागू रहेगा, इसकी स्पष्ट जानकारी किसी को नहीं है। यह चिकित्सक अपने अस्पताल के साथ ही सीएचसी में कितने दिन सेवा देंगे, इसका भी पता नहीं है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि संबंधित चिकित्सक को एक दिन के लिए भी अन्य अस्पताल में भेजा गया तो वे फिर से आंदोलन करेंगे। लोगों ने कहा कि अब विभाग हमें धोखा नहीं दे सकता।
पूर्व में भी दो चिकित्सकों को तैनाती के आदेश हो चुके हैं जारी
पूर्व में भी क्षेत्र के लोगों ने सीएचसी में चिकित्सक की तैनाती की मांग पर आंदोलन किया था। तब भी विभाग ने अन्य अस्पतालों में तैनात दो चिकित्सकों को सीएचसी में तैनाती के आदेश जारी किए थे लेकिन एक भी चिकित्सक यहां सेवा देने नहीं पहुंचा।
कोट
सीएचसी गणाई गंगोली में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत चिकित्सक की तैनाती कर दी गई है। क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिले, इसके लिए विभाग गंभीर है। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़