थल से देसी और विदेशी शराब की दुकान को हाइवे से हटाकर प्रेमनगर ले जाने की भनक लगते ही लोग भड़क गए। लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। थल की शराब की दुकान को पहले पुराना बाजार में खोलने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन वहां महिलाओं के विरोध के कारण शराब के ठेकेदार और प्रशासन ने नई जगह की तलाश शुरू की है। बताया गया है कि थल से तीन किलोमीटर दूर प्रेमनगर में शराब की दुकान खोलने की तैयारी की भनक लगते ही क्षेत्र के लोगों में आक्रोश फैल गया।
प्रेमनगर के लोगों ने प्रदर्शन कर प्रशासन को सख्त चेतावनी दी कि यदि इस शांत इलाके में शराब की दुकान खोलने का प्रयास किया गया तो बड़ा आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। थल में हाइवे स्थित शराब की दुकान तो बंद कर दी गई है, लेकिन अभी तक नए स्थान पर दुकान नहीं खुल पाई है। अब जहां पर भी शराब की दुकान खोलने की कोशिश हो रही है वहीं पर लोग आंदोलन छेड़ रहे हैं।
प्रदर्शन में शामिल राजकमल आर्य, हीरा लाल, मोती राम, इंद्रजीत कुमार, कमलेश कुमार, दीवान राम, अशोक कुमार, हरिप्रसाद आदि ने कहा किसी भी सूरत में इलाके में शराब की दुकान नहीं खुलने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन को खुद ही सोचना चाहिए कि गांवों में शराब की दुकान खुलने से माहौल कितना खराब होगा। शराब को खरीदने के लिए कस्बों से भी लोग यहां पहुंचने लगेंगे। इससे आपराधिक घटनाएं बढ़ेंगी। फोटो 03 पीटीएच 04 पी
पिथौरागढ़ में शराब की 19 दुकानों के ताले नहीं खुले
पिथौरागढ़। जिले में शराब की 19 दुकान बंद चल रही हैं। सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर इन दुकानों को हाइवे से हटाया जाना है लेकिन जहां पर भी दुकानों को शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है वहां पर लोगों का विरोध शुरू हो रहा है। इस कारण दुकानों का संचालन नहीं हो पाया है।
जिला आबकारी अधिकारी गिरीश चंद्र जोशी ने बताया कि इस समय जिले में 27 में से मात्र आठ दुकानें ही खुल पाई हैं।
इनमें देशी शराब की भवनखोला, बेड़ीनाग और डीडीहाट की दुकान शामिल है। जबकि अंग्रेजी शराब की चंडाक, मुनस्यारी, धारचूला, झूलाघाट और पिथौरागढ़ नगर की एक दुकान खुल पाई है। उन्होंने बताया कि नेशनल हाइवे और स्टेट हाइवे के किनारे स्थित हर शराब की दुकान को हटाया जाना है। इस परिधि में 19 दुकान आ रही हैं। थल, बेड़ीनाग में अंग्रेजी दुकान को नए स्थान पर शिफ्ट करने का विरोध हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक कोई समाधान नहीं निकल जाता तब तक दुकानों को शिफ्ट कर पाना संभव नहीं है। अलबत्ता हाइवे के किनारे की हर दुकान को 31 मार्च की शाम से बंद कर दिया गया है। इधर, शराब की दुकान बंद होने से शराब के शौकीन खासी दिक्कत में हैं।