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पुलिस ने कहीं लाठियां भांजी तो कहीं कराया भोजन

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पिथौरागढ़। लॉकडाउन के बाद रोजगार छिनने और खाने की कमी के चलते घरों को लौट रहे लोग कुछ पुलिसकर्मियों के व्यवहार से आहत हैं। युवाओं का कहना है कि पुलिस को रास्ते में उनकी दिक्कतें नहीं दिखी। उनका कहना है कई स्थानों में बिना गलती के पुलिस ने लाठियां बरसाकर अभ्रद व्यवहार किया। मुंबई के एक होटल में काम करने वाले मनोज कुमार का कहना है कि कोरोना वायरस के कहर के बाद उनका होटल पूरी तरह बंद हो गया। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन लोगों की काफी भीड़ थी, जिस कारण उन्हें दो दिन तक दिल्ली के लिए ट्रेन नहीं मिल पाई। जनता कर्फ्यू होने के कारण पुलिस सख्ती दिखा रही थी। उन्होंने बताया जब वह स्टेशन के एक कोने में बैठे थे। इसी दौरान पुलिस ने उनको गालियां दी और पैरों पर लाठियां बरसायी। गुजरात से लौटे संजय का कहना है कि वह भी पुलिस की अभद्रता के शिकार हुए। उन्होंने बताया कि भीड़ अधिक होने के कारण पुलिस ने उनपर लाठियां बरसायी जिसमें उनका मोबाइल फोन टूट गया। हालांकि इस दौरान कई स्थानों पर पुलिस ने मदद भी की। दिल्ली,मुंबई सहित कई स्थानों से पहुंचे युवाओं का कहना है पुलिस ने उन्हें दिल्ली, टनकपुर और लोहाघाट में खाना भी खिलाया। कई स्थानों पर गाड़ियों की व्यवस्था कर उन्हें आगे भी भेजा। इसके लिए युवाओं ने पुलिस का आभार भी प्रकट भी किया।
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