पिथौरागढ़। भारत- नेपाल सीमा से लगे तड़ेमिया क्षेत्र के लोग पंचेश्वर पैदल मार्ग के ध्वस्त होने से परेशान हैं। मार्ग क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों के साथ ही मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। इस मार्ग से शव दाह के लिए पंचेश्वर स्थित घाट तक पहुंचने में भी लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
तडेमिया- पंचेश्वर पैदल मार्ग बनने के केवल आठ माह में ही महाकाली नदी में समा गया था। इससे तडे़मिया के रौतगड़ा से पंचेश्वर जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही घाट तक शवों को ले जाने में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत की राज्य वित्त मद से 2 लाख रुपये की धनराशि मीनागड़ा से कुन्ना तक संपर्क मार्ग निर्माण कराया गया था। मगर दो दिन की बारिश में ही मार्ग ढह गया। पंचेश्वर संघर्ष समिति के अध्यक्ष शमशेर चंद ने बताया की रौतगड़ा पंचेश्वर पैदल मार्ग से अपने इष्ट देव शिव मंदिर पंचेश्वर में दर्शनों को श्रद्धालु जाते हैं। मगर मार्ग ध्वस्त होने के कारण लोग जा नहीं पा रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता राज चंद राजा ने रास्ते का निर्माण फिर से करने की मांग की है। (संवाद)
ंचेश्वर को जान जोखिम में डालकर जाते लोग।