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Pithoragarh News: निशुल्क शिक्षा के लिए 1313 सीट, सिर्फ 635 बच्चों ने लिया प्रवेश

Mon, 14 Apr 2025 10:43 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में निर्धन बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा देने की योजना सफल नहीं हो पा रही है। ऐसा इसलिए कि बच्चे निजी स्कूलों में प्रवेश लेने से हाथ पीछे खींच रहे हैं। शिक्षा विभाग से मिले आंकड़े इसकी तस्दीक कर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक अब तक आरटीई के तहत आवंटित सीटों के सापेक्ष सिर्फ 48 फीसदी बच्चों ने ही निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए रुचि दिखाई है, 52 फीसदी सीटें अब भी रिक्त हैं।
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शिक्षा विभाग के मुताबिक जिले में संचालित 170 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत निर्धन बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के लिए 1313 सीट आवंटित हुई हैं। नए शिक्षा सत्र की पढ़ाई शुरू हुए एक महीना बीतने को है लेकिन अब तक आरटीई के तहत निजी स्कूलों में सिर्फ 593 बच्चों ने ही प्रवेश लिया है। विभाग के मुताबिक निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए 723 बच्चों ने आवेदन किया। 88 आवेदनों में गलती मिलने से इन्हें रिजेक्ट कर दिया गया।
आरटीई के मानक बन रहे चुनौती
निजी स्कूलों में बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने की योजना की सफलता में आरटीई के मानक ही बाधा बन रहे हैं। नियमों के मुताबिक एक किमी के दायरे में संचालित निजी स्कूलों में ही संबंधित क्षेत्र के निर्धन बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश मिल सकता है। जिले में अधिकतर निजी स्कूल जिला मुख्यालय में संचालित हैं। ऐसे में जिला मुख्यालय से एक किमी दूर रह रहे निर्धन बच्चे आरटीई के तहत प्रवेश पाने के हकदार नहीं होंगे। अभिभावकों को उन्हें अपने खर्च पर इन स्कूलों में पढ़ाना होगा। इन हालात में आरटीई के तहत आवंटित सीटों को भरना शिक्षा विभाग के लिए चुनौती बन गया है।
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आरटीई के तहत आवंटित सीटों पर अब तक 48 फीसदी सीटें भर गई हैं। प्रवेश प्रक्रिया गतिमान है। उम्मीद है कि जल्द ही सभी सीटों पर प्रवेश हो जाएंगे। नियमों के मुताबिक ही निजी स्कूलों में आरटीई के तहत प्रवेश दिए जा रहे हैं। - हरक राम कोहली, मुख्य शिक्षा अधिकारी, पिथौरागढ़
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