पिथौरागढ़। बेस अस्पताल में चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी है। यहां दो साल में सिर्फ 20 चिकित्सकों की तैनाती हो सकी है और 196 पद अब भी रिक्त हैं। अब एक बार फिर चिकित्सकों की तैनाती की उम्मीद जगी है। इसके लिए आगामी 27 फरवरी को फिर से साक्षात्कार होंगे।
सीमांत जिले की पांच लाख से अधिक की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें इसके लिए जिला मुख्यालय में 65 करोड़ रुपये से बेस अस्पताल का निर्माण किया गया। सामान्य और विशेषज्ञ चिकित्सकों के 216 पद स्वीकृत हैं। तीन से चार बार साक्षात्कार होने के बाद भी यहां अब तक सिर्फ 18 सामान्य और दो विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती हो सकी है। अस्पताल में ओटी, वार्ड बनकर तैयार हैं लेकिन मरीजों को भर्ती करने के लिए विशेषज्ञ नहीं हैं। फिलहाल सीटी स्कैन और हंस फाउंडेशन की ओर से डायलिसिस यूनिट संचालित हो रही है।
चिकित्सकों के अभाव में 10 से अधिक नहीं हो पाती है ओपीडी
पिथौरागढ़। जिले के अस्पतालों में बागेश्वर, चंपावत और नेपाल के मरीज भी आते हैं। ऐसे में जिला अस्पताल में प्रतिदिन 600 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। अस्पताल में क्षमता से अधिक मरीज भर्ती होने पर अस्पताल प्रबंधन को बरामदे में बेड लगाकर उपचार करना पड़ता है। चिकित्सकों की कमी के चलते बेस अस्पताल में 10 से अधिक ओपीडी नहीं हो पाती है। संवाद
बेस अस्पताल में चिकित्सकों की तैनाती के लिए शीघ्र ही साक्षात्कार होने हैं। उम्मीद है इस बार यहां सामान्य और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होगी।
- डॉ. अजय आर्य, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़।
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