पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-टनकपुर ऑलवेदर सड़क बंद होने से सीमांत के लोगों के साथ ही रोडवेज और कर्मियों की दिक्कत बढ़ गई है। सड़क बंद होने से बीते 17 दिनों से रोडवेज की 25 बसों का संचालन ठप है। ऐसे में यात्रियों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं निगम को अब तक एक करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने से 175 से अधिक संविदा और आउटसोर्स कर्मियों को वेतन मिलना मुश्किल हो गया है।
पिथौरागढ़-टनकपुर ऑलवेदर सड़क बीते 10 सितंबर से रोडवेज बसों की आवाजाही ठप है। पिथौरागढ़ डिपो की 25 बसों के पहिए पूरी तरह थमे हैं। हर रोज देहरादून, दिल्ली, टनकपुर, बरेली सहित अन्य रूटों पर संचालित इन बसों में तीन हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। संचालन ठप रहने से यात्री बेबस हैं और इन्हें ऊंचा किराया देकर टैक्सी में धक्के खाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इन बसों के संचालन से निगम को छह से सात लाख रुपये की आय होती है। संचालन ठप रहने से निगम को अब तक एक करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। पिथौरागढ़ डिपो में 300 से अधिक कर्मी तैनात हैं। संविदा, आउटसोर्स के 197 चालक, परिचालकों का वेतन बसों के संचालन से हुई आय पर निर्भर करता है। बसों के पहिए जाम होने से संविदा और आउटसोर्स कर्मियों को वेतन मिलना भी मुश्किल हो गया है। संवाद
वेतन के लिए चालक, परिचालक को करना पड़ता है 150 किमी का सफर
पिथौरागढ़। निगम के मुताबिक आउटसोर्स और संविदा पर तैनात एक चालक और परिचालक को हर रोज 150 किमी बस दौड़ाना जरूरी है। तभी उन्हें चार रुपये प्रति किमी के हिसाब से घर चलाने लायक वेतन मिलेगा। बीते 17 दिन से अधिकांश चालक और परिचालकों को बसों का संचालन ठप रहने से ड्यूटी नहीं मिल सकी है इससे उन्हें खासा नुकसान हुआ है।
निगम के लिए यात्री कर देना भी बना चुनौती
पिथौरागढ़। निगम को हर रोज 17 प्रतिशत यात्री कर सरकार को देना जरूरी है। बसों का संचालन हो या नहीं यात्री कर देने का नियम तय है। पिथौरागढ़ डिपो हर महीने तीन से चार लाख रुपये यात्री कर देता है। बसों का संचालन ठप रहने से इसका असर निगम की आय पर पड़ा है। ऐसे में निगम के लिए यात्री कर चुकाना भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
सड़क बंद होने से बसों का संचालन नहीं हो रहा है। निश्चित तौर पर निगम की आय पर इसका असर पड़ा है। चालक, परिचालक और अन्य कर्मी भी बखूबी इस बात को समझते हैं। ऐसी स्थिति कभी-कभार आती है। सड़क खुलने के बाद व्यवस्था पटरी पर आने की उम्मीद है।
- रवि शेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो।