सड़क सुविधा से वंचित मुवानी क्षेत्र के पीपलतड़ के ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंच प्रदर्शन किया। ग्रामीणाें ने कलक्ट्रेट पर सड़क नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाए।
ग्राम सभा पीपलतड़ के तोक बरला, अज्योड़ा, आमखेत के ग्रामीण बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचे और नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना था कि पूर्व में पीएमजीएसवाई के अंतर्गत बेड़ीनाग से पीपलतड़ तक सड़क का सर्वे हुआ था। इसमें सभी ग्रामीणों की सहमति थी। उन्होंने कहा कि जब रोड कटिंग शुरू हुई तो करीब डेढ़ सौ की आबादी को इससे वंचित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इसमें सौ से अधिक अनुसूचित जाति के परिवार हैं। कहा कि सड़क सुविधा नहीं होने से उन्हें आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र उन्हें सड़क सुविधा से नहीं जोड़ा गया तो वह आंदोलन को विवश होंगे। बाद में उन्होंने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन उनके कार्यालय में सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में दीपक सिंह, सुरेश राम, संतोष राम, गोविंद राम, ललित मोहन, मोहन राम, विनोद प्रसाद, किशोर कुमार, गंगा देवी, जानकी, कुंती, कमला, भागीरथी देवी, जगदीप सिंह, राम सिंह, रमेश राम, नरेंद्र सिंह समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
देवल-कूटा सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन
अस्कोट(पिथौरागढ़)। देवल दारती- कूटा मोटर मार्ग के निर्माण में हो रही देरी से क्षेत्रवासियों में नाराजगी है। क्षेत्रवासियों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया।
बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता तनुज पाल के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि 10 किलोमीटर मोटर मार्ग को स्वीकृति मिले 11 वर्ष बीत चुके हैं। कहा कि इस मोटर मार्ग के बनने से वनराजि गांव कूटा भी लाभान्वित होता। इसके बावजूद सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। सड़क नहीं बनने से आधा दर्जन गांवों के लोगों को पैदल आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ रहा है। बीमार ग्रामीणों को डोली से सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। बाजार से सामान और राशन पीठ में ढोना पड़ता है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस उपेक्षा को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि शीघ्र सड़क नहीं बना तो उग्र आंदोलन कर दिया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में पुष्पा देवी, मुन्नी देवी, रेवती देवी, देवल के उप प्रधान टीकेंद्र पाल, फकीर सिंह, दीपक सामंत आदि ग्रामीण शामिल थे। इधर लोक निर्माण विभाग के ईई दीपक गुप्ता का कहना है कि वन भूमि हस्तांतरण को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है। इसको क्लीयरेंस मिलते ही सड़क निर्माण को लेकर आगे की कार्रवाई होगी।