बलुवाकोट में प्रदर्शन करते स्थानीय लोग।
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अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़। काली नदी में चैनेलाइजेशन के विरोध में बलुवाकोट के व्यापारी और स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। लोगों ने बाजार बंद कराने के बाद धारचूला-पिथौरागढ़ सड़क पर सांकेतिक धरना दिया।
शनिवार को बलुवाकोट के नगतड़ तोक, पोखरी, मल्ली कूचिया और बलुवाकोट बाजार के लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि नदी से कटाव के कारण आपदा का खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद मशीनों से चैनेलाइजेशन का काम किया जा रहा है। इससे बलुवाकोट बाजार और आसपास के गांव खतरे में आ जाएंगे।
कहा कि पूर्व में उपजिलाधिकारी से शिकायत करने के बाद खनन बंद कर दिया गया था, लेकिन ठीक बरसात शुरू होते समय खनन कर आपदा का खतरा बढ़ाया जा रहा है। सभी प्रदर्शनकारियों ने तत्काल खनन बंद करने की मांग उठाई।
कहा कि यदि खनन कार्य किया गया तो पूरे क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। बाद में इस संबंध का मांग पत्र एसडीएम को सौंपा गया।
धरना प्रदर्शन करने वालों में क्षेत्र पंचायत सदस्य कमला बिष्ट, प्रधान मुकेश सिंह, भूपेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य जीवन ठाकुर, पदम राज जोशी, मुकेश ग्वाल, मनोरथ भट्ट, पार्वती देवी, पूर्व प्रधान जयंती,हर सिंह, उदय सिंह, पंकज मेहरा, पूजा देवी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल थे।