भालू की दहशत से निजात दिलाने की मांग पर कलक्ट्रेट पहुंचे जयकोट और पांगला के ग्रामीण। संवाद
पिथौरागढ़। पांगला और जयकोट के ग्रामीणों में भालुओं का खौफ इस कदर है कि उन्हें सौ किलोमीटर दूर कलक्ट्रेट पहुंचकर साहब से इनसे निजात दिलाने की गुहार लगानी पड़ी। कहा साहब, भालुओं के डर से घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ये भालू हमारी जान लेने पर तुले हैं।
ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन दिया। कहा कि कई लोगों पर भालुओं ने हमला कर दिया है। आए दिन भालू हमला कर रहे हैं। बीते 14 नवंबर को भालू ने जयकोट में घास काट रही नारु देवी व मीना देवी को घायल कर दिया था। 21 नवंबर को लंकारी से पास नरेंद्र सिंह कार्की भालुओं के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गये जिनका हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
भालुओं के हमले की घटनाएं बढ़ने से ग्रामीणों को बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर लग रहा है। इन घटनाओं के बाद भी शासन-प्रशासन उचित कदम नहीं उठा रहा है। ग्रामीणों ने भालुओं से निजात दिलाते हुए घायलों को मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा और डीएफओ आशुतोष सिंह को भी ज्ञापन दिया।
ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं किए गए तो वे जिला मुख्यालय में आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। डीएम ने ग्रामीणों को उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने वालों में धर्मेंद्र सिंह, नवीन बिष्ट, नीतिल बिष्ट, अशोक जोशी, कैलाश बडाल, मनोज बडाल, जगदीश बिष्ट आदि मौजूद रहे।