थल-लेजम सड़क में डामरीकरण करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते लोग
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थल से लेजम के लिए 16 साल पहले बनी सड़क का डामरीकरण नहीं होने से लोगों में गुस्सा है। उन्होंने लेजम सड़क के पास एकत्र होकर लोनिवि और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
इन लोगों का कहना था कि वर्ष 1999 में थल से लेजम के लिए स्वीकृत चार किमी मोटर मार्ग वर्ष 2002 में बनकर तैयार हो गया, लेकिन सड़क पर अब तक डामरीकरण नहीं हुआ है। न तो निकास नाली बनी है और न ही सुरक्षा दीवारों का निर्माण हुआ है। लकड़ीगाड़ में निर्माणाधीन पुल को भी अधूरा छोड़ दिया गया है। इस कारण रोखड़ से वाहनों का संचालन हो रहा है। रोखड़ में बरसात में पानी बढ़ता है तो यातायात बंद हो जाता है।
कहा कि 30 दिसंबर को प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल के थल में लगे जनता दरबार में यह मामला उठाया गया था। मंत्री ने 15 दिन में डामर करने के निर्देश विभाग को दिए थे, लेकिन विभाग ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। इन लोगों ने 15 दिन के भीतर सड़क पर डामरीकरण न होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। प्रदर्शन में गिरीश चंद्र पुनेठा, कमलेश जोशी, मदनमोहन पाठक, हरीश कुमार, प्रकाश चंद, संजय चंद, किशन गोस्वामी, कमल गिरी आदि शामिल थे।