थल (पिथौरागढ़)। थल क्षेत्र के तड़ीगांव निवासी पूर्व फौजी तीन साल से पेनरी इमदाद (समय से पहले फौज की नौकरी छोड़ने और 65 साल पूरे होने के बाद मिलने वाली मदद) के लिए भटक रहे हैं। वह हर साल सैनिक कल्याण बोर्ड पिथौरागढ़ में पेनरी इमदाद लिए आवेदन करते रहते हैं।
पूर्व फौजी तुलाराम कलौनी नौ नवंबर 1961 को मुंबई से 3-कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। 1962 में चीन के साथ युद्ध में वह राजौरी पुंछ सीमा पर तैनात थे। तीन साल सात महीने 20 दिन नौकरी करने के बाद वह पारिवारिक जिम्मेदारी के चलते घर आ गए। घर आकर खेतीबाड़ी से अपना जीवनयापन करने लगे। अब तुलाराम की उम्र 82 वर्ष है। अब वह परिश्रम नहीं कर सकते। वह हर साल सैनिक कल्याण बोर्ड पिथौरागढ़ से पेनरी इमदाद के लिए आवेदन करते हैं। इसमें इन्हें एकमुश्त राशि मिल जाती थी। इससे यह अपना गुजर बसर करते थे। इन्हें 2017 में अंतिम बार पेनरी इमदाद मिली थी। 2018 के बाद से कोई इमदाद नहीं मिल सकी है। कई बार इन्होंने आवेदन कर दिया है, लेकिन तीन साल से कोई इमदाद न मिलने से इनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
तुलाराम की पेनरी इमदाद के लिए सात जनवरी को केंद्रीय सैनिक कल्याण बोर्ड दिल्ली को मंजूरी के लिए भेजा गया है। वरीयता के आधार पर अभी तुला की पेनरी इमदाद रुकी है।
- हीरा चंद, सहायक अधिकारी, जिला सैनिक कल्याण बोर्ड, पिथौरागढ़।