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थल तहसील की जिम्मेदारी पटवारी ने संभाली

Tue, 01 Aug 2017 10:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, थल
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सूचना केंद्र के भवन में चल रहा थल का तहसील कार्यालय - फोटो : अमर उजाला
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थल क्षेत्र की 114 ग्राम पंचायतों को तहसील संबंधी सुविधा देने के लिए 13 सितंबर 2015 को खोले गए तहसील कार्यालय में अब तक तहसीलदार, नायब तहसीलदार की तैनाती नहीं हो पाई है। पिछले महीने तक रजिस्ट्रार कानूनगो इस तहसील का काम संभाल रहे थे, लेकिन उनके सेवानिवृत्त होने के बाद तहसील का कार्यभार राजस्व उपनिरीक्षक (पटवारी) को सौंप दिया गया है। तहसील कार्यालय को खाली पड़े सूचना केंद्र और विपणन केंद्र के भवनों में संचालित किया जा रहा है। तहसील कार्यालय में स्टाफ की कमी तो है ही साथ ही फर्नीचर भी नहीं है। सूचना कार्यालय के पुराने फर्नीचर से ही काम चलाया जा रहा है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील कार्यालय का ढांचा खड़ा करने से लोगों को सुविधा नहीं मिल सकती। पहले स्टाफ की तैनाती होनी चाहिए। तहसील के भवन के लिए नौ नाली जमीन का चयन भी किया गया है, लेकिन अब तक भवन बनाने की दिशा में कोई तैयारी नहीं हुई है।

तहसील खोलने का औचित्य बताए सरकार
स्थानीय निवासी दान सिंह बिष्ट का कहना है कि सरकार को तहसील खोलने का औचित्य बताना चाहिए। जब लोगों को कोई सुविधा ही नहीं मिल पा रही है तो तहसील खोलने का कोई मतलब भी नहीं है। सरकार को पहले ऐसी इकाईयों के लिए ढांचागत सुविधाएं जुटानी चाहिए। तब जाकर लोगों का भला हो पाएगा।
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यह उलझन में डालने वाला कदम हुआ 
थल निवासी गंगा सिंह मेहता का कहना है कि जब सरकार के पास संसाधन ही नहीं थे तो लोगों को उलझन में डालने के लिए नई तहसील नहीं खोलनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि नई तहसील बनने के बाद भी पुरानी तहसील पर निर्भरता कम नहीं हुई। लोगों का धन और समय लगातार खर्च हो रहा है। 

अधिकारियों और स्टाफ की तैनाती की जाए 
स्थानीय निवासी सुंदरी वर्मा ने कहा कि थल के लोगों को तहसील बनने के बाद कोई फायदा नहीं मिला है। जब तहसील कार्यालय में ही कोई इंतजाम नहीं हैं तो लोगों को क्या सुविधा मिल पाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार शीघ्र अधिकारियों और स्टाफ की तैनाती कर लोगों को सुविधा दे। 

दो साल में सुविधा न होना चिंताजनक 
प्रधान नीमा देवी का कहना है कि नई तहसील का गठन कर 114 ग्राम पंचायतों की जनता के साथ धोखा किया गया है। जब सरकार दो साल में एक कार्यालय का ढांचा ठीक नहीं कर सकती तो उससे और क्या उम्मीद की जा सकती है। तहसील कार्यालय सिर्फ नाम का है। उसमें कोई काम नहीं होता। 
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