पिथौरागढ़। सीमांत जिले में मौसम के बदलते मिजाज के साथ ही बीमारियों ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। दूषित और मटमैले पानी की आपूर्ति के कारण जिला अस्पताल में पेट दर्द, संक्रमण और पीलिया (जॉन्डिस) के मरीजों की संख्या में अचानक भारी उछाल आया है। विशेषज्ञों के अनुसार नालियों के बीच से गुजर रही लीकेज पेयजल लाइनें इस संक्रमण का मुख्य कारण बनी हुई हैं।
बीते एक सप्ताह के भीतर जिला अस्पताल की ओपीडी का आंकड़ा 450 से बढ़कर 600 के पार पहुंच गया है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक हर रोज औसतन 10 से अधिक मरीज पेट में गंभीर संक्रमण और पीलिया की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। नगर के ल्यूंठूड़ा और नया बाजार जैसे इलाकों में स्थिति अधिक चिंताजनक है जहां लंबे समय से गंदा पानी सप्लाई होने की शिकायतें मिल रही हैं।
नालियों में डूबी पाइपलाइनें बनीं ''जहर''
शहर के अधिकांश हिस्सों में पेयजल लाइनें नालियों के भीतर से गुजर रही हैं। जगह-जगह लीकेज होने के कारण नालियों का गंदा पानी सीधे पेयजल आपूर्ति में मिल रहा है। हालांकि, जल संस्थान का दावा है कि मुख्य योजनाओं में कोई खराबी नहीं है, बल्कि पुरानी और क्षतिग्रस्त व्यक्तिगत लाइनों की वजह से घरों तक मटमैला पानी पहुंच रहा है।
जिम्मेदारों का पक्ष
- पेट में संक्रमण और पीलिया का मुख्य कारण दूषित जल है। मौसम के इस बदलाव में लोगों को पानी उबालकर पीना चाहिए और स्वास्थ्य के प्रति अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल
- ल्यूंठूड़ा में कुछ उपभोक्ताओं ने पुराने कनेक्शन शिफ्ट नहीं किए हैं, जिससे मटमैले पानी की समस्या आ रही है। जहाँ भी शिकायत मिल रही है, टीम भेजकर निरीक्षण और सुधार किया जा रहा है। - सुरेश जोशी, ईई, जल संस्थान