मुनस्यारी(पिथौरागढ़)। स्थानीय स्तर पर लोगों को शिविर के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे मुनस्यारी क्षेत्र के लोगों के लिए हवाई साबित हुए। सुबह के समय डॉक्टर नहीं पहुंचे तो मरीजों को निराश होकर घर लौटना पड़ा। जब डॉक्टर आने की सूचना पर लोग घरों से निकले तो उनके सीएचसी पहुंचने से पहले ही टीम अपने ठिकानों के लिए रवाना हो गई। ऐसे में मरीज परेशान रहे और शिविर के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभा दी गई।
मुनस्यारी सीएचसी में सेवा पखवाड़े के तहत तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का बुधवार को सुबह 10 बजे से आयोजन होना था। विशेषज्ञों के शिविर में शामिल होने की जानकारी मिलने के बाद दूरस्थ क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग बारिश और बदहाल सड़कों के बीच बमुश्किल सीएचसी पहुंचे। 10 बजे से सभी विशेषज्ञों के आने का इंतजार करते रहे। 12 बजे तक डॉक्टर शिविर में नहीं पहुंचे तो लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। बमुश्किल दोपहर बाद डॉक्टर शिविर में पहुंचे। सूचना मिलने के बाद कुछ लोग बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद में फिर से घरों से निकले। लोगों के सीएचसी पहुंचने से पहले की डॉक्टर अपने ठिकानों को रवाना हो गए। स्थानीय लोगों ने सीएमओ तक डॉक्टरों के न होने की सूचना पहुंचाई। तब जाकर सीएमओ ने तीन डॉक्टर शिविर में भेजे और लोगों की जांच हो सकी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोहर टोलिया, व्यापार संघ अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष पूरन पांडे सहित अन्य लोगों ने कहा कि शिविरों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के नाम पर औपचारिकता निभाई जा रही है।
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हड्डी का एक्सरे नहीं होने से मरीज परेशान
शिविर में आए साईं पोलू निवासी कृष्णा सिंह बिष्ट ने बताया कि शिविर के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। मरीजों के बैठने के लिए कुर्सी तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि शिविर में सिर्फ छाती के एक्स-रे किए जा रहे हैं। हड्डी रोगियों का एक्स-रे नहीं हो रहा है। ऐसे में उन्हें जांच के लिए जिला मुख्यालय जाना होगा और शिविर के कोई मायने नहीं होंगे।
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कोट-सड़क ठीक न होने से डॉक्टरों को शिविर में पहुंचने में समय लगा। तीन दिन तक चलने वाले शिविर में क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। -डॉ. जेएस चुफाल, सीएमओ, पिथौरागढ़