पिथौरागढ़। धारचूला, डीडीहाट, मुनस्यारी और बेड़ीनाग जैसे दूरदराज के क्षेत्रों से जिला अस्पताल पहुंचे हड्डी के मरीजों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। अस्पताल में तैनात दो हड्डी रोग विशेषज्ञों में से एक एक महीने के अवकाश पर हैं जबकि दूसरे एकमात्र डॉक्टर की ड्यूटी कनालीछीना स्वास्थ्य शिविर में लगा दी गई है।
ओपीडी और ओटी का कार्यभार संभालने वाले एकमात्र विशेषज्ञ के शिविर में जाने से प्रतिदिन आने वाले 90 से 130 मरीजों का उपचार ठप हो गया। मंगलवार को विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर नोटिस भी बीते आठ अगस्त का अवकाश पर रहने का टंगा था। सुबह से कई मरीज चिकित्सक के इंतजार में बैठे रहे, बाद में जानकारी होने पर उन्हें मायूस होना पड़ा। उचित इलाज न मिलने के कारण दूर-दूर से आए कई आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक भार उठाना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग की इस लचर व्यवस्था से आम जनता में भारी रोष व्याप्त है।
मरीजों ने बताई तकलीफ
झूलाघाट निवासी हेमंती देवी ने बताया कि उनके घुटनों में काफी दिनों से दर्द की समस्या है लेकिन जिला अस्पताल आने के बाद भी वह जांच नहीं करा पाईं। मूनाकोट निवासी दीया कोहली ने बताया कि 10 दिन पूर्व घर में गिरने से उनके पैर में चोट आ गई। दर्द ठीक नहीं होने पर आज वह अस्पताल आईं। यहां आने के काफी देर बाद ही उन्हें चिकित्सक उपलब्ध न होने का पता चला। दीया को बिना जांच के बैरंग लौटना पड़ा।
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जिला अस्पताल से हड्डी रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी शिविर में लगाई गई है। अन्य चिकित्सक मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
-डॉ. डीपी सिंह, पीएमएस, जिला अस्पताल पिथौरागढ़