सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बिजली कटौती के दौरान डॉक्टरों को टॉर्च की रोशनी में मरीजों का इलाज करना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग की इस बड़ी लापरवाही के कारण लाखों रुपये के जनरेटर शोपीस बने रहे।य
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बिजली कटौती के दौरान डॉक्टरों को टॉर्च की रोशनी में मरीजों का इलाज करना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग की इस बड़ी लापरवाही के कारण लाखों रुपये के जनरेटर शोपीस बने रहे।यह घटना शुक्रवार को हुई जब लाइनों के सुधारीकरण के चलते डीडीहाट नगर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली काटी गई थी। यूपीसीएल ने बिजली कटौती की सूचना पहले ही जारी कर दी थी।
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सीएचसी में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था न होने के कारण बिजली जाते ही सभी कक्ष और वार्ड अंधेरे में डूब गए। खराब पड़े जनरेटर को ठीक नहीं किया गया था, जिससे वे वैकल्पिक व्यवस्था प्रदान नहीं कर सके। क्षेत्र के लोगों ने इसे सीएचसी का रामभरोसे संचालन बताया है। मामला सार्वजनिक होने के बाद अब विभाग जांच की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।