धारचूला (पिथौरागढ़)। निजी ऑपरेटर के माध्यम से आए यात्रियों के पहले दल ने आदि कैलाश के दर्शन किए। पार्वती मंदिर के पुजारी वीरेंद्र सिंह कुटियाल ने मंदिर के कपाट खोले। केएमवीएम के माध्यम से आने वाले यात्री शुक्रवार को आदि कैलाश के दर्शन करेंगे।
गर्बाधार में बंद तवाघाट-लिपुलेख सड़क और गुंजी-ज्योलिंगकांग सड़क के 10वें दिन खुलने के बाद चहल-पहल बढ़ गई है। सड़क खुलने के बाद शिव भक्तों ने आदि कैलाश पर्वत और पार्वती कुंड के दर्शन किए। दो निजी ऑपरेटर के 23 यात्रियों ने ज्योलिकांग मंदिर में पूजा-अर्चना की। भोले बाबा की पूजा-अर्चना और आदि कैलाश पर्वत के दर्शन होने के बाद यात्री काफी खुश नजर आए।
ओम टूर एंड ट्रेवल्स के संचालक हरीश सिंह कुटियाल ने कहा कि ज्योलिंकांग और गर्बाधार सड़क खुलने के बाद यात्री बड़ी संख्या में ओम पर्वत, आदि कैलाश पर्वत और पार्वती कुंड के दर्शन के लिए रवाना हो चुके हैं। साथ ही ज्योलिंकांग में स्थानीय ग्रामीण होम स्टे चलाने वाले भी ज्योलिंकांग जाकर अपना रोजगार शुरू करने लगे हैं। सड़क खुलने के बाद यात्रा शुरू होने पर होम स्टे संचालकों के चेहरे पर खुशी है। व्यास घाटी के सातों गांवों में यात्रियों और बाइकर्स की आवाजाही बढ़ने लगी है।
तीसरे आदि कैलाश यात्रा दल ने किए ओम पर्वत के दर्शन
पिथौरागढ़। केएमवीएन के यात्रा अधिकारी धन सिंह बिष्ट ने बताया कि निगम के तीसरे और चौथे दल के यात्री बृहस्पतिवार को ओम पर्वत के दर्शन करने के बाद गुंजी लौट गए हैं। शुक्रवार को दोनों दल आदि कैलाश दर्शन के लिए जाएंगे। पांचवें दल के 18 यात्री बृहस्पतिवार को दिन के भोजन के बाद गुंजी रवाना हो गए हैं। उन्होंने बताया कि गुंजी में फंसे ज्योलिकांग निगम के कर्मचारी धारचूला पहुंच गए हैं। संवाद
सप्ताह में सिर्फ तीन दिन आदि कैलाश यात्रा के संचालन से आक्रोश
धारचूला (पिथौरागढ़)। आदि कैलाश यात्रा के सप्ताह में सिर्फ तीन दिन संचालन करने के निर्णय से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। नाराज लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर सप्ताह भर यात्रा के संचालन की मांग की। उन्होंने आदि कैलाश यात्रा के दौरान सड़क निर्माण में भारी विस्फोट न करने की भी मांग की है।
बृहस्पतिवार को रं कल्याण संस्था के लोगों ने एसडीएम दिवेश शाशनी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि एक दिन पूर्व डीएम और बीआरओ के अधिकारियों के बीच सप्ताह में तीन दिन आदि कैलाश यात्रा के संचालन के लिए सहमति बनी है। उन्होंने इसका विरोध करते हुए कहा कि सप्ताह भर यात्रा चलनी चाहिए।
उन्होंने पर्यटन सीजन में तवाघाट-लिपुलेख, गुंजी-ज्योलिंगकांग और तवाघाट-दारमा सड़क पर निर्माण के दौरान ब्लास्टिंग नहीं करने की मांग की। लोगों ने कहा कि ब्लास्टिंग के कारण बार-बार पहाड़ दरक रहे हैं जो पर्यावरणीय दृष्टि से उचित नहीं है। इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष अशोक नबियाल, नंदन न्यास के अध्यक्ष कृष्ण गर्ब्याल, टूर ऑपरेटर हरीश कुटियाल, लक्ष्मण कुटियाल, जयेंद्र फिरमाल, प्रवेश नबियाल, संजय गुंज्याल, दिनेश चलाल मौजूद रहे।