तहसील मुख्यालय से 14 किमी दूर राजकीय प्राथमिक विद्यालय सेकलीधार में बच्चों को पढ़ाने के लिए अभिभावकों को अपने स्तर से शिक्षक की तैनाती करनी पड़ी है। यह नौबत इस कारण आई क्योंकि विद्यालय में कार्यरत दोनों शिक्षकों का स्थानांतरण हो गया है और उनके स्थान पर नए शिक्षकों की तैनाती नहीं हुई है। 25 मार्च से शिक्षकों के अभाव में विद्यालय में ताला लगा रहा। एक अप्रैल से शुरू हुए नए शिक्षासत्र में भी विद्यालय में किसी शिक्षक की तैनाती नहीं हुई। फिलहाल अभिभावकों ने अपने खर्च से एक स्थानीय बेरोजगार को विद्यालय में तैनात तो कर दिया है, लेकिन नए विद्यार्थियों के प्रवेश, मध्यान्ह भोजन जैसी व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
ग्राम प्रधान विमला देवी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय सेकलीधार में 26 बच्चे पढ़ते हैं। विद्यालय में पहले दो अध्यापक थे। दोनों अध्यापकों का एक साथ स्थानांतरण कर दिया गया, लेकिन उनके स्थान पर नए शिक्षकों की तैनाती नहीं की। प्रधान ने कहा कि इस समय स्थानांतरण की कोई प्रक्रिया नहीं चल रही है, इसके बावजूद विद्यालय से दोनों शिक्षकों का ट्रांसफर कैसे हो गया, यह आश्चर्य का विषय है। अभिभावक इस तरह की अव्यवस्था से भारी गुस्से में हैं। उन्होंने फिलहाल विद्यालय पहुंचने वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए एक बेरोजगार युवक को तैनात तो कर दिया है, लेकिन विभागीय स्तर की कोई काम नहीं हो पा रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल सिंह, स्कूल प्रबंध समिति के अध्यक्ष टीएस बिष्ट ने रविवार को उपजिलाधिकारी आरके पांडे से मुलाकात की और अव्यवस्था की जानकारी दी। एसडीएम ने खंड शिक्षा अधिकारी से कहा कि तत्काल विद्यालय में शिक्षक की तैनाती की जाए। प्रधान ने कहा कि इस अव्यवस्था के खिलाफ अब आंदोलन किया जाएगा।