मदरमा में भूस्खलन की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त मकान
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मदरमा में भूस्खलन एक बार फिर आफत बनने लगा है। पहाड़ से हुए भूस्खलन से 30 अगस्त की रात गांव में तीन मकान क्षतिग्रस्त हो गए। गांव के लोगों की पूरी रात दहशत में बीती। 12 अगस्त को इसी गांव में भूस्खलन से 3 लोगों की मौत हो गई थी और चार लोग घायल हुए थे।
बुधवार रात बारिश के बीच मदरमा गांव के होशियार सिंह पुत्र राम सिंह, जगत सिंह पुत्र राम सिंह, भीम सिंह पुत्र राम सिंह का आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गया। 12 अगस्त की घटना में इन मकानों में दरार आ गई थी। इन लोगों ने पिछले हादसे के बाद घर छोड़ दिए थे। यह लोग गांव में ही दूसरे के मकानों में रह रहे हैं। मकान ध्वस्त होने की जानकारी इन लोगों को बृहस्पतिवार सुबह मिली। 12 अगस्त के हादसे में इन्हीं प्रभावितों के दो बड़े भाइयों के परिवार प्रभावित हुए थे। बुधवार की घटना की जानकारी आपदा प्रबंधन विभाग और राजस्व विभाग को दे दी गई है।
ग्राम प्रधान गंगोत्री देवी ने कहा कि बुधवार की बारिश से पैदल रास्ते बह गए हैं। पेयजल योजना को क्षति पहुंची है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावितों को मकान बनाने के लिए मुआवजा देने के साथ ही पैदल रास्ते और पेयजल योजना की मरम्मत कराने की मांग की है। कहा है कि पहाड़ी के लगातार दरकने से गांव के लोग दहशत में हैं। सामाजिक कार्यकर्ता उमेश धामी ने भूस्खलन की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।