पिथौरागढ़ में लावारिस कुत्तों ने आम नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया हैै। आए दिन राहगीरों पर होने वाले हमलों से लोगों में दहशत है। नगर के धर्मशाला लाइन क्षेत्र में लावारिस कुत्तों के एक आक्रामक झुंड ने सड़क से गुजर रही एक महिला पर अचानक हमला कर दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह उर्दू मीडियम स्कूल के पास निवास करने वाली 52 वर्षीय फातिमा बेगम नई बाजार में एक बच्चे की मालिश करने के लिए जा रही थीं। जैसे ही वह धर्मशाला लाइन में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के समीप पहुंचीं, वहां पहले से मौजूद चार से अधिक लावारिस कुत्तों ने उन पर हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले से महिला सड़क पर गिर पड़ीं जिसके बाद कुत्तों ने उन्हें बुरी तरह नोचना शुरू कर दिया।
अपनी जान बचाने के लिए महिला ने किसी तरह हिम्मत जुटाई और उठकर भागने लगीं लेकिन खूंखार कुत्तों ने उनका पीछा करना नहीं छोड़ा। अंततः फातिमा बेगम ने सूझबूझ दिखाते हुए पास पड़े पत्थरों से कुत्तों पर हमला किया और उन्हें खदेड़कर अपनी जान बचाई। इस हमले में कुत्तों ने उनके पैर और शरीर पर कई गहरे घाव कर दिए।
घटना के तुरंत बाद वह लहूलुहान अवस्था में जिला अस्पताल पहुंचीं जहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। अस्पताल के ईएमओ डॉ. राहुल और नर्सिंग ऑफिसर रवि ने बताया कि महिला के शरीर पर कई गहरे घाव आए हैं जिनका समय पर उचित इलाज किया गया है।
नगरवासियों में भारी आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर के हर गली-मोहल्ले और मुख्य सड़कों पर लावारिस कुत्तों ने डेरा डाल रखा है जो लगातार राहगीरों को अपना शिकार बना रहे हैं। इससे कुछ ही दिन पहले लिन्ठूड़ा क्षेत्र में भी आवारा कुत्तों ने दो मासूम बच्चों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था जिन्हें कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रखना पड़ा था। लगातार बढ़ रही इन घटनाओं और प्रशासन की लाचारी के चलते नगरवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले के अस्पतालों में रोजाना 80 से अधिक लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगाने पहुंच रहे हैं। अप्रैल 2026 में जिले में एंटी रैबीज वैक्सीन का संकट गहराने पर स्वास्थ्य विभाग को स्थानीय स्तर पर खुले बाजार से करीब 50 हजार रुपये की वैक्सीन खरीदनी पड़ी थी। जिला अस्पताल में ही रोजाना लावारिस कुत्तों के हमले में घायल 15 से अधिक लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
केस-1
बीते 27 सितंबर को भदेलवाड़ा निवासी 12 वर्षी गौरव सिंह पर खेलने समय कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया था। बच्चे की चीख सुनकर आस-पास के लोग मौके पर दौड़े और कुत्तों के झुंड को खदेड़कर भगाया। तब जाकर बच्चे की जान बच सकी। बच्चे का इलाज जिला अस्पताल में किया गया।
केस-2
रई क्षेत्र में बीते अगस्त महीने में ट्यूशन जा रही कुंदन नेगी की 13 साल की बच्ची पर लावारिस कुत्तों ने हमला कर दिया। संयोग से एक राहगीर ने डंडे से कुत्तों को खदेड़कर उसकी जान बचाई। इस घटना से बच्ची इतना डर गई कि उसने अकेले ट्यूशन जाने से मना कर दिया। तब से लेकर आज तक परिजन उसे ट्यूशन के लिए छोड़ने और लाने जा रहे हैं।
लावारिस कुत्तों की बढ़ती आबादी को रोकने के लिए समय-समय पर बधियाकरण अभियान चलाया जा रहा है। हमलावर कुत्तों को पकड़ने के लिए क्विक रिस्पांस टीम का भी गठन किया गया है। शिकायत मिलने पर टीम ऐसे कुत्तों को पकड़ रही है।-राजदेव जायसी, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, पिथौरागढ़