गुजरात के अहमदाबाद शहर से बैकुंठधाम में हर साल योग साधना के लिए पहुंचने वाले साधक इस बार नोटबंदी के बाद ही यहां पहुंचे हैं। नोट बंद होने से कठिनाई का सामना करने के बावजूद इन लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले की सराहना की। कहा कि यह फैसला देश को आर्थिक मजबूती देगा और आने वाले समय में देश के निम्न एवं मध्यम वर्ग का स्तर ऊंचा उठने लगेगा।
अहमदाबाद निवासी महेंद्र पारीख ने कहा कि अब प्रधानमंत्री को विदेशों में जमा काला धन वापस लाने का प्रयास करना चाहिए। जिस संकल्पशक्ति के साथ मोदी ने देश के अंदर का कालाधन बाहर निकाला, वैसे ही विदेश से भी लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नोट बंद होने से सभी को परेशानी हुई। खुद उनको भी नोटों की कमी का सामना करना पड़ा, लेकिन डीडीहाट में उनके कई मित्रों ने पैसे की कमी नहीं खलने दी। महेंद्र पारीख कहते हैं कि जब घरों की साफ-सफाई होती है तो उस समय भी थोड़ा कष्ट उठाना पड़ता है। यह तो पूरे देश की सफाई का अभियान है, इसमें कष्ट उठाने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। महेंद्र पारीख रिटायर्ड प्राचार्य हैं और वह हर साल यहां योगसाधना के लिए आते हैं। वह एक महीने बैकुंठधाम में रहेंगे।
अहमदाबाद की ही कुमुद पारीख ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ महिलाओं और गृहणियों को मिलेगा। वह भी बैकुंठधाम में साधना के लिए आई हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को तत्काल बेनामी संपत्ति को लेकर कानून बनाना चाहिए। यदि वह ऐसा कदम उठाते हैं तो देश में साफ सुथरा माहौल तैयार हो जाएगा। कुमुद ने बताया कि यहां पहुंचने पर रुपए की दिक्कत होने लगी थी, लेकिन बैंकों और स्थानीय लोगों ने बड़ी मदद की। देश में अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की मदद का माहौल बना है। हर व्यक्ति फैसले में नरेंद्र मोदी के साथ है।