पिथौरागढ़। पावर ग्रिड का हैरान करने वाला कारनामा सामने आया है। लॉपिंग के नाम पर सतगढ़ के जंगल में बगैर अनुमति के ही पावर ग्रिड की ओर से बांज सहित अन्य प्रजाति के 20 से अधिक पेड़ काट दिए गए। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो मजदूर और जिम्मेदार अधिकारी मौके से चले गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएफओ ने जांच बैठा दी है।
सतगढ़ गांव के जंगल से पावर ग्रिड की लाइन गुजरती है। पावर ग्रिड ने लाइन की जद में आने वाले पेड़ों की लॉपिंग के नाम पर वन विभाग से इसकी अनुमति ली। हैरानी है कि लॉपिंग की आड़ में पावर ग्रिड ने जंगल में 20 से अधिक बांज, उतीश सहित अन्य प्रजाति के पेड़ों को काट डाला। जब ग्रामीण जंगल पहुंचे तो कटे पेड़ों को देखकर उन्होंने इसका विरोध जताया। ग्रामीणों को देखते हुए पावर ग्रिड के अधिकारी और मजदूर मौके से निकल गए।
ग्रामीणों का कहना है कि हमारे बुजुर्गों की मेहनत से जंगल विकसित हुआ है। इसी जंगल के सहारे गांव में प्राकृतिक जल स्रोतों से जलापूर्ति हो रही है। मनमाने तरीके से जंगल का कटान करना गलत है। ग्राम प्रधान अंजू देवी ने वन विभाग से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं वन विभाग तक मामला पहुंचने के बाद डीएफओ ने इस पर जांच की बात कही है।
जंगलों की सुरक्षा करने वाले जिम्मेदारों के फोन तक नहीं उठे
सतगढ़ के ग्रामीणों ने अवैध पेड़ काटने की सूचना देने के लिए डीडीहाट के रेंजर को कई बार फोन मिलाया। हैरानी है कि न तो उनका फोन उठा और न कॉल बैक आई। वन विभाग इन अधिकारियों के भरोसे जंगलों की सुरक्षा के दावे कर रहा है जिस पर सवाल उठ रहे हैं।
हम काट दें पेड़ तो होगी प्राथमिकी, पावर ग्रिड पर कौन करेगा कार्रवाई
सतगढ़ की प्रधान अंजू देवी, भगवती देवी, राकेश कापड़ी आदि ने अपने जंगल में पेड़ काटने पर कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम विकसित किए गए अपने जंगल से उपयोग के लिए एक भी पेड़ काट दें तो पुलिस, वन विभाग सहित पूरा सिस्टम हम पर प्राथमिकी दर्ज करेगा। कई जगह ऐसा हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब पावर ग्रिड ने मनमाने तरीके से हमारे जंगल को नुकसान पहुंचाते हुए कई पेड़ों पर आरी चला दी है इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। ग्रामीणों ने सवाल पूछा है कि क्या पावर ग्रिड के खिलाफ कार्रवाई होगी या संस्थान अपनी पावर से बच जाएगा।
कोट
कनालीछीना के ख्वांकोट में लॉपिंग की जा रही है। सतगढ़ गांव में लॉपिंग की जानकारी मुझे नहीं है। यदि लॉपिंग के नाम पर पेड़ काटे गए हैं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - संदीप कोठारी, डीजीएम, पावर ग्रिड, पिथौरागढ़
कोट
लॉपिंग के नाम पर पेड़ नहीं काटे जा सकते हैं। इस मामले की जांच कराई जाएगी। संबंधित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - आशुतोष सिंह, डीएफओ, पिथौरागढ़