पिथौरागढ़ पालिका में शामिल करने के विरोध में प्रदर्शन करते ग्रामीण
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नगरपालिका में शामिल किए गए गांव के लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को पालिका में शामिल किए गए छह गांवों के लोगों ने सिल्थाम चौराहे पर धरना दिया और प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने गांव के लोगों के साथ धरना दिया। सरकार ने नगर से सटे ऐंचोली, दौला, धनौड़ा, बास्ते, नेड़ा, सिकरानी गांवों को नगरपालिका में मिला दिया है। लोगों ने विकास प्राधिकरण का भी विरोध किया।
पूर्व विधायक मयूख महर ने धरना स्थल पर हुई सभा में कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने दस महीने के भीतर ही ऐसे जनविरोधी फैसले ले लिए हैं कि आम जनता की कठिनाइयां बढ़ने लगी हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की ओर से अब तक लिए गए कई फैसले जनविरोधी हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी ने कहा कि सरकार के फैसलों का जमकर विरोध होगा।
पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती ने कहा कि भाजपा को इन फैसलों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ग्राम प्रधान भूपेश नगरकोटी और वीरेंद्र पटियाल ने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाओं की धरने में भागीदारी इस बात को स्पष्ट करती है कि उनमें कितना असंतोष है। धरने पर कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता भुवन पांडे, राजेश शर्मा, रघु सौन, पवन पाटनी, खीमराज जोशी, ऋषेंद्र महर, ललित पाल, जगदीश मखौलिया आदि लोग बैठे।