एनएच से हटाने के बाद इस जिले में शराब की दस दुकानें अब तक नहीं खुल पाई हैं। कई हिस्सों में शराब की दुकानों के खिलाफ हो रहे जनांदोलनों के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। अब प्रशासन ने तय किया है कि बंद पड़ी दुकानों को हर हाल में खोला जाए, ताकि राजस्व की हानि न हो। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने शुक्रवार को अधिकारियों की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 मई तक सभी दुकानों को खोला जाए। दुकानों के लिए शीघ्र नई जगह की तलाश करने को कहा गया है।
डीएम ने कहा कि अवैध शराब की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाई जाए। हर तहसील में एसडीएम के नेतृत्व में टीम का गठन किया जाए और अवैध शराब के ठिकानों पर छापा मारा जाए। आबकारी अधिकारी से कहा कि अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाएं। बैठक में डीएम ने कम राजस्व वसूली पर नाराजगी जताई। कहा कि जिस कर्मचारी ने बहुत कम वसूली की है उससे स्पष्टीकरण मांगा जाए। जिला पूर्ति अधिकारी से कहा गया कि मानसून सीजन के लिए अभी से राशन का कोटा भेजा जाए। राशन वितरण की स्थिति का पता लगाने के लिए अब हर एसडीएम अपने क्षेत्र में नियमित चेकिंग करेगा।
डीएम ने यह भी कहा है कि यदि किसी कर्मचारी की अवैध खनन, अवैध शराब या आपराधिक गतिविधि में लिप्तता के प्रमाण मिलेंगे तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। वन भूमि हस्तांतरण, लंबित मजिस्ट्रेटी जांचों पर शीघ्र कार्रवाई के लिए कहा गया। बैठक में एडीएम मोहम्मद नासिर, एसडीएम मनुज गोयल, विवेक प्रकाश, राज्य रेडियो अधिकारी बीसी तिवारी आदि अधिकारी उपस्थित थे।