चंपावत। मंच-तामली मोटर मार्ग पर घटकू मंदिर के समीप हुए हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। इस दुर्घटना में 19 साल के दीपक जोशी की जान चली गई। वह परिवार का इकलौता बेटा था। दीपक अपनी छोटी दीदी के घर से लौट रहा था। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के बाद उसके शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। चंपावत कोतवाली में अज्ञात डंपर चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
डीएम मनीष कुमार ने हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने एसडीएम चंपावत को जांच अधिकारी नामित किया है। डीएम ने निर्देश दिए हैं कि दुर्घटना के सभी तथ्यों और कारणों की विस्तृत जांचकर 15 दिनों के भीतर जांच आख्या प्रस्तुत की जाए।
दीपक जोशी पुत्र मुरलीधर जोशी निवासी मौराड़ी हाल निवासी आरएफसी गोदाम चंपावत शनिवार को अपनी छोटी दीदी के घर कांडा सिमल्टा से स्कूटी पर अपने घर लौट रहा था। घटकू मंदिर के समीप उसकी स्कूटी खनन सामग्री लेकर मंच की तरफ जा रहे डंपर की चपेट में आ गई। वह स्कूटी से छिटककर डंपर के पीछे वाले टायर के नीचे आ गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। नगर क्षेत्र से भी लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने के बाद कोतवाल बीएस बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। दीपक चंपावत कैंपस से स्नातक की पढ़ाई कर रहा था।
कोतवाल बीएस बिष्ट ने बताया कि घटना कैसे हुई, इसकी जांच की जाएगी। बताया कि डंपर चालक मौके से भाग गया। उसके वाहन को कब्जे में लेकर आगे की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।
डीएम मनीष कुमार ने अस्पताल पहुंचकर दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार को ढाढ़स बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया। प्रशासन ने युवक के अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी की व्यवस्था भी की।
बुझ गया दीपक, परिवार में छा गया अंधेरा
चंपावत। घटकू मंदिर के पास सड़क हादसे ने घर के इकलौते बेटे दीपक की जिंदगी को बुझाकर परिवार में अंधेरा कर दिया। दीपक दो बहनों का इकलौता भाई था। वह सबसे छोटा था। दोनों बहनें विवाहित हैं। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उनके जीवन में अंधेरा छा गया है।
दीपक ने एक दिन पूर्व ही आर्मी की वर्दी पहन फोटो सोशल मीडिया पर लगाया था और वह आर्मी की तैयारी में जुटा था। परिवार को उससे बड़ी उम्मीद थी कि आगे चलकर हमारा और देश का नाम रोशन करेगा लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। भाग्य ने परिवार के साथ ऐसा खेल खेला कि बहनों से सिर से भाई का साया ही उठ गया। दीपक रोज सुबह जिला मुख्यालय स्थित गोरलचौड़ मैदान में अग्निवीर बनने की तैयारी भी कर रहा था। वह मिलनसार था।
क्रिकेट का भी शौकीन था
शनिवार को हंसी-खुशी अपनी छोटी दीदी पुष्पा के घर से दीपक चंपावत लौट रहा था कि यह हादसा हो गया। वह शुक्रवार 10 जुलाई को बहन के घर गया था। दीपक क्रिकेट का शौकीन भी था। उनके निधन पर क्रिकेटर राजेंद्र महर, अनुराग नेगी, हर्षित पांडे, सुनील जोशी, सुनील पुनेठा, सुनील महर, मनोज बोहरा, सुमित सिंह, विजय सिंह, अंकित बोहरा आदि ने शोक जताया।
चाय की दुकान चलाकर परिवार का भरण पोषण करते हैं पिता
दीपक के पिता मुरलीधर जोशी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के समीप चाय और खाने की दुकान चलाते हैं। उनकी दुकान में यूपीसीएल, पुलिस कर्मी समेत कई विभागों के कर्मी खाना खाने आते हैं। इस घटना से उनमें भी शोक की लहर है। पिता ने अपने इकलौते बेटे के लिए कई सपने देखे थे लेकिन वह सपने ही रह गए। एक सड़क हादसे ने परिवार के बुने सपनों को एक पल में खत्म कर दिया।
हर कोई शोक में डूबा
अस्पताल पहुंचकर दायित्वधारी, मुकेश महराना, केएमवीएन निदेशक रोहित बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, राकेश बोहरा, मनमोहन बोहरा, सुंदर बोहरा, मनोज भट्ट आदि ने शोक जताया। यहां एसडीएम सदर विपिन चंद्र पंत, तहसीलदार बृजमोहन आर्या, कानूनगो दीनदयाल वर्मा आदि थे।