पिथौरागढ़। सिविल जज जूनियर डिविजन गंगोलीहाट रजनीश मोहन की अदालत ने चेक बाउंस मामले के दोषी को एक वर्ष के साधारण कारावास और 10 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की धनराशि जमा करने पर वादी पुष्कर सिंह को 9,90,000 रुपये देने और 10,000 रुपये राज्य सरकार के खाते में जमा करने के आदेश दिए हैं। 10,000 रुपये जमा नहीं करने पर उसे 20 दिन की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
मामले के अनुसार आठ मार्च 2022 को नूरी मस्जिद वार्ड 14 बनभूलपुरा निवासी नासिर अली ने अपनी निजी जरूरत के लिए पुष्कर सिंह गंगोलीहाट निवासी से बांड के आधार पर नौ लाख रुपये उधार लिए। इस दौरान उसने बदले में अपने खाता संख्या का 10 मार्च 2022 की तारीख अंकित कर चेक पुष्कर सिंह को दिया।
उसने चेक से धनराशि प्राप्त करने के लिए दशाईथल गंगोलीहाट के स्टेट बैंक शाखा में जमा किया। 16 मई को 2022 को बैंक ने नासिर खान के खाते में नौ लाख रुपये नहीं होने पर चेक वापस कर दिया। चेक बाउंस होने पर पुष्कर सिंह ने अधिवक्ता के माध्यम से नासिर खान को स्पीड पोस्ट से नोटिस भेजा।
इसके बाद भी उसने धनराशि वापस नहीं की तो पुष्कर सिंह ने न्यायालय की शरण ली। तब से यह मामला गंगोलीहाट न्यायालय में चल रहा था। मामले की सुनवाई करते हुए सिविल जज जूनियर डिविजन की अदालत ने चेक बाउंस मामले में समझौता (परक्राम्य) लिखित अधिनियम की धारा 138 के तहत एक एक वर्ष के साधारण कारावास और दस लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।