पिथौरागढ़। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय सिंह की अदालत ने वाहन दुर्घटना के मामले में दोषी चालक को एक साल की सजा सुनाई है। चालक को जानबूझकर वाहन दुर्घटनाग्रस्त करने का दोषी करार दिया है। चालक को वाहन दुर्घटना में घायलों को 10-10 हजार रुपये प्रतिकर भी देना होगा।
मामले के अनुसार पांच अक्तूबर 2020 को मड़खडायत गांव में एक वृद्धा की मौत हो गई थी। परिजनों ने रामेश्वर घाट तक शवयात्रा के लिए एक बस बुक की। शवयात्रा के दौरान चालक ने लापरवाही बरतते हुए बस को जानबूझकर तेज रफ्तार से दौड़ाया जो कि गुरना मंदिर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस घटना में बस में सवार तीन-चार लोगों को गंभीर चोट आई।
मड़खड़यात की तत्कालीन ग्राम प्रधान हेमा मेहता ने कोतवाली पिथौरागढ़ में तहरीर दी। पुलिस ने विवेचना कर चालक के खिलाफ साक्ष्य जुटाए और आरोप सही मिलने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 279 और 338 के तहत उसके खिलाफ मामला दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
तब से यह मामला न्यायालय में चल रहा था, इस पर बृहस्पतिवार को निर्णय आया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय सिंह ने सभी पक्षों और गवाहों को सुनने के बाद आरोपी जगत सिंह को दोषी करार देते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 279 के तहत छह माह और धारा 338 के तहत एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोनों सजा साथ-साथ चलेंगी।
वहीं न्यायालय ने धारा 357 के तहत एक माह के भीतर घायल पवन सिंह और आनंद सिंह को 10-10 हजार रुपये प्रतिकर के रूप में देने के आदेश दिए हैं।