जिला अस्पताल में बंद आर्थो विभाग। संवाद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाएं मरीजों पर भारी पड़ रही हैं। ऐसा ही हुआ जिला अस्पताल में। यहां हड्डी के एक डॉक्टर शिविर में तो दूसरे अवकाश पर रहे। एक साथ दोनों डॉक्टरों के न होने से मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ा। मरीजों को निजी अस्पतालों में जाकर इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ा।
जिला अस्पताल में हर रोज धारचूला, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, मुनस्यारी, कनालीछीना सहित अन्य हिस्सों से हड्डी रोग के इलाज के लिए 80 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। शुक्रवार को भी मरीज इलाज के लिए यहां पहुंचे और हड्डी रोग विशेषज्ञों के कक्षों के बाहर इंतजार करते रहे। एक विशेषज्ञ अवकाश पर रहे तो मरीजों की अनदेखी कर दूसरे विशेषज्ञ को शिविर में भेज दिया गया। ऐसे में यहां मरीजों को इलाज नहीं मिला। दोनों डॉक्टरों के न होने की जानकारी मिलने पर मरीजों को लंबे इंतजार के बाद निजी अस्पतालों में जाकर इलाज कराना पड़ा। दोनों डाक्टरों में एक के भी अस्पताल में न होने से मरीजों और तीमारदारों ने आक्रोश जताते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी पर सवाल खड़े किए हैं।
केस एक
कमर दर्द से जूझती हुई कनालीछीना की कमला देवी अस्पताल पहुंची। एक घंटे के इंतजार के बाद जब इन्हें दोनों डॉक्टरों के न होने की जानकारी मिली तो निजी अस्पताल जाना पड़ा।
केस दो
थल के हेमंत पैर में दर्द से कराहते हुए जिला अस्पताल पहुंचे। यहां दोनों डॉक्टर न होने से इन्हें निजी अस्पताल जाकर इलाज कराना पड़ा।
कोट
एक हड्डी रोग विशेषज्ञ की शिविर में ड्यूटी लगी तो दूसरे के अवकाश पर जाने से दिक्कत रही शनिवार से मरीजों को नियमित इलाज मिलेगा। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़