वन पंचायत सरमोली में रविवार को आयोजित मैसर वन कौतिक में आसपास के गांवों की भारी भीड़ उमड़ी। माटी संगठन दस वर्षों से यह आयोजन कर रहा है। लोगों को प्रकृति से जोड़ने, प्रकृति का संरक्षण करने के उद्देश्य से आयोजित मेले में सरमोली, शंखधुरा, नानासैम गांव के लोग शामिल हुए। इस आयोजन में हिमल प्रकृति, हिमालयन आर्क, जंगल स्कूल, कल्पवृक्ष जैसे संगठनों ने भी सहयोग दिया।
माटी संगठन की संरक्षक मल्लिका विर्दी ने कहा कि पर्यटन को गति देने में भी ऐसे कार्यक्रम सहायक हो सकते हैं। माटी संगठन की बसंती रावत, रामनारायण, राजेंद्र रावत आदि ने कहा कि वन कौतिक का आयोजन अन्य वन पंचायतों में भी होना चाहिए। सरमोली में कौतिक शुरू होने से पहले मैसर लोकदेवता की पूजा की गई।
आयोजकों का कहना था कि मैसर देवता की कृपा से ही यह कार्यक्रम सफल होता है। इस मौके पर आयोजित मैराथन में कई लोगों ने भाग लिया। रस्साकसी, योग के कार्यक्रम भी हुए। इस दौरान रामनारायण को लोक प्रकृति पुरस्कार से नवाजा गया। रामनारायण पिछले 22 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति गाइड का काम कर रहे हैं। कौतिक में देर शाम तक भीड़ लगी रही। लोगों ने स्थानीय हस्तशिल्प, फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया।