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दावाग्नि से वन्यजीवों के अस्तित्व पर संकट

Sat, 30 Apr 2016 10:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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दावाग्नि - फोटो : अमर उजाला
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हर तरफ धधक रही दावाग्नि लोगों के जी का जंजाल बन गई है। बेशकीमती वन संपदा नष्ट हो रही है। वन्यजीवों के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है। आधे जंगल आग में जलने के बाद सरकारी मशीनरी थोड़ी हरकत में है, लेकिन जंगल की आग पर काबू में पाने की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है।
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एक जंगल की आग बुझ रही है, तो दूसरा सुलगता दिख रहा है। हर तरफ धुआं फैला है। पर्यावरण को बेहद नुकसान पहुंच रहा है। वातावरण प्रदूषित हो रहा है। आग बुझाने में नाकाम साबित हो चुका वन विभाग पुख्ता इंतजाम का दावा करते हुए जनता से आग बुझाने में मदद की अपील करता नजर आ रहा है। डीएफओ आईपी सिंह बताते हैं कि जिले में अब तक दावाग्नि की 71 घटनाओं में 220.60 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है। डीएफओ के अनुसार आरक्षित वन में 35 आग की घटनाएं हुई हैं।

99 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है। सिविल वन में तीन घटनाएं हुई हैं। तीन हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है। वन पंचायतों में 33 घटनाएं हुई हैं। 115.60 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि 392 वन कर्मी, श्रमिक और 400 ईको टास्क फोर्स के जवान आग बुझाने में लगे हैं। आग पर नियंत्रण के लिए सचल दल भी गठित किए गए हैं। डीएफओ ने वनों की आग रोकने में लोगों से मदद की अपील की है।
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भटेड़ी में मकान जला
पिथौरागढ़। शुक्रवार दोपहर जंगल की आग ग्राम भटेड़ी (धूरा) निवासी शोबन सिंह गोबाड़ी के मकान को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। गांव के लोगों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग नहीं बुझ पाई। आग से मकान को काफी नुकसान होने की बात कही जा रही है। युवक मंगल दल के अध्यक्ष अनिल गोबाड़ी और छात्रसंघ महासचिव नीरज गोबाड़ी ने आग से मकान जलने की सूचना जिलाधिकारी को दी है।

धधकता रहा जंगल, नहीं पहुंची मदद
कनालीछीना। वन पंचायत में शुक्रवार शाम जबरदस्त आग लग गई। आग से बेशकीमती जंगल को काफी नुकसान पहुंचा है। आग बुझाने में न तो वन पंचायत ने तत्परता दिखाई। न वन विभाग का कोई कर्मी मौके पर पहुंचा। वन विभाग के सचल दलों, वाचरों की नजर भी इस आग पर नहीं पड़ी।

सियासत से इतर आग बुझाने में जुटे कांग्रेसी
पिथौरागढ़। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय से सटे पंडा, मड़ गांव के जंगलों के साथ ही दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के पास रेशम के जंगल को आग से बचाने का काम किया। कांग्रेसियों ने दोनों स्थानों पर लगी आग बुझाई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंत ने कहा कि जंगलों की आग से कांग्रेस का प्रदेश नेतृत्व बेहद चिंतित है। संगठन ने सामाजिक सरोकारों से सीधे जुड़ने का फैसला लिया है। इसकी शुरुआत जंगलों की आग बुझाने से हुई है। जिले के सभी स्थानों पर कार्यकर्ता जंगलों की आग बुझाने में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि वन विभाग ने आग बुझाने में 11 लाख रुपये की रकम कहां खर्च की, इसकी पड़ताल होनी चाहिए। आग बुझाने में युवक कांग्रेस के अध्यक्ष ऋषेंद्र महर, जिला प्रवक्ता ललित पाल, दीनू तिवारी, शंकर खड़ायत, गौरव महर, कुंडल महर, जिला महामंत्री प्रदीप थापा, जगदीश बिष्ट, कौमल शाही, रोहन सौन, कमलेश खड़ायत, संजीव जोशी आदि शामिल थे। 

ऊंणीसिरतोली में जंगल, फल का बागान जला
नाचनी/गणाईगंगोली। नाचनी के तमाम जंगलों में आग लगी है। बेड़ीनाग विकासखंड के ऊंणीसिरतोली में जंगल पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए हैं। मलानी में जंगल की आग से रात में लोगों के संतरा, माल्टा, नीबू, लीची, आम के सैकड़ों पेड़ जल गए हैं। ओखरानी, चिल्किया, च्यूरखेत, रिंगूनियां के जंगलों में भी आग से काफी नुकसान हुआ है। लोगों ने फलों के पेड़ों के नुकसान की भरपाई की मांग प्रशासन से की है। उधर, गणाईगंगोली के कई जंगलों में आग से वन संपदा को भारी नुकसान हुआ है। आग से जंगल के जंगल जलते जा रहे हैं।

यातायात के लिए भारी खतरा बनी आग
थल। सातशिलिंग-थल-नाचनी सड़क पर जंगल में लगी आग यातायात के लिए भारी खतरा बन गई है। आग में जल रहे जंगलों से आग की लपटें सड़कों तक आ रही हैं। पेड़ों की टहनियां जल कर सड़क पर गिर रही है। जंगलों से पत्थर लुढ़क कर आ रहे हैं। दिगरामुवानी के जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने आग के खतरे से घिरी सड़कों पर सुरक्षा इंतजाम करने के साथ ही आग बुझाने में तत्परता दिखाने की मांग जिला प्रशासन से की है। उन्होंने लोगों से भी जंगलों को बचाने के लिए आगे आने की अपील की है।
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