भ्योल और सेला उर्थिंग में बनेंगी परियोजनाएं
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उत्तराखंड लघु जल विद्युत निगम ने पिथौरागढ़ जिले में दो बिजली परियोजनाओं के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। दोनों परियोजनाओं से 398 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इससे पहले जिले में 280 मेगावाट की धौलीगंगा बिजली परियोजना का निर्माण एनएचपीसी ने किया था।
मुनस्यारी में 168 मेगावाट की सरकारी भ्योल रूपसियाबगड़ योजना बनाई जाएगी। नाम से बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए ड्रिलिंग, ड्रिफ्टिंग और सर्वे का कार्य संपादित करने के लिए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से प्रथम चरण की टर्म्स ऑफ रिफरेंस (टीओआर) प्राप्त हो चुकी है। परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने की जिम्मेदारी बहुराष्ट्रीय कंपनी स्मैक को दी गई है जो मार्च 2017 तक पूरी हो जाएगी।
लघु जल विद्युत निगम के उपमहाप्रबंधक जीएस बुदियाल ने बताया कि परियोजना के लिए 52.90 क्यूसेक जलस्राव को 1.2 किलोमीटर लंबी हेड रेस टनल की मदद से 352.08 मीटर हेड तक लाया जाएगा। परियोजना में अंडरग्राउंड विद्युतगृह बनेगा और 662.08 मिलियन यूनिट वार्षिक बिजली प्राप्त की जाएगी। परियोजना से उत्पादित बिजली को बरम में 132केवी के सब स्टेशन तक लाया जाएगा।
दूसरी परियोजना धारचूला तहसील के दारमा घाटी में सेला उर्थिंग नाम से बनेगी। 230 मेगावाट की इस परियोजना के सर्वेक्षण में सर्वे ऑफ इंडिया मदद करेगी। इस परियोजना में 73 मीटर ऊंचे डैम का निर्माण होगा और 100.14 क्यूसेक जलस्राव को 2.01 किलोमीटर लंबी हेड रेस टनल के माध्यम से सरफेस पावर हाउस तक लाया जाएगा। परियोजना से 803.42 मिलियन यूनिट वार्षिक बिजली उत्पादित होगी।