पिथौरागढ़। जिला अस्पताल सहित जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनीमिया महाअभियान का शुभारंभ हो चुका है। जिले की 1690 गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन की नियमित जांच होगी। खून की कमी होने पर उन्हें उपचार के लिए प्रेरित किया जाएगा।
चिकित्सकों के अनुसार आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया गर्भवतियों के लिए बच्चे का समय से पहले जन्म का जोखिम बढ़ाता है। जिले की गर्भवतियों को इस बीमारी से गुजरना न पड़े इसके लिए स्वास्थ्य विभाग का 10 फरवरी तक जिले भर में पल्स एनीमिया अभियान जारी रहेगा। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे दिया गया है।
प्रशिक्षक धारचूला, मुनस्यारी, गंगोलीहाट, विण, बेड़ीनाग, कनालीछीना, मूनाकोट और डीडीहाट की 1690 गर्भवतियों की हिमोग्लोबिन की जांच करेंगे। जांच के दौरान एनीमिया से ग्रसित पाई जाने वाले गर्भवतियों को जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी में चिकित्सकों की देखरेख में दवा दी जाएगी।
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भागीरथी गर्ब्याल ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान एनीमिया न केवल मां के स्वास्थ्य पर असर डालता है बल्कि शिशु के कम वजन, समय से पहले जन्म और प्रसव के दौरान जटिलताएं जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। इसके लिए गर्भवतियां खाने में सोयाबीन, गहत आदि शामिल करें ताकि शरीर में खून की कमी न हो। जरूरत पड़ने पर दवाइयां भी जरूरी हैं।
पल्स एनीमिया महा अभियान का जरूर बने हिस्सा
चंपावत। नागनाथ वार्ड के आंगनबाड़ी केंद्र में पल्स एनीमिया महाअभियान का शुभारंभ सभासद बबीता प्रहरी ने किया। उन्होंने गर्भवतियों और अन्य से महाअभियान का लाभ लेने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि सेहत के साथ खिलवाड़ न करें और अभियान का हिस्सा बनकर अन्य लोगों को भी अभियान का हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करें। आंगनबाड़ी की कार्यकर्ता गीता आर्या ने महाअभियान को लेकर जानकारी दी। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की एएनएम खीमा जोशी, आशा कार्यकर्ता कमला जोशी, संगीता प्रहरी आदि मौजूद रहीं।
इधर, जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर अमोड़ी में एएनएम दीपा के नेतृत्व में प्रशासक लालमणि भट्ट ने पल्स एनीमिया महाभियान का शुभारंभ किया। एएनएम ने बताया कि 15 गर्भवतियों का बीपी, शुगर, वजन सहित अन्य जांच की गई। इसके अलावा कैल्शियम की दवा दी गई। इस दौरान को सीएचओ अनीता चंद, आनंदी देवी, गीत देवी, सुनीता भट्ट, कमला, भावना, ज्योति आदि मौजूद रहे।