पिथौरागढ़। जीआईसी के पास कीचड़ में तब्दील सड़क का सुधार नहीं करने से नाराज एनएसयूूआई कार्यकर्ताओं ने लोनिवि, जिला प्रशासन और सरकार का पुतला फूंक दिया। कार्यकर्ताओं ने शीघ्र सड़क को ठीक नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
बृहस्पतिवार को एनएसयूआई प्रदेश सचिव दीपक तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने टकाना तिराहे में सरकार, जिला प्रशासन और लोनिवि के खिलाफ प्रदर्शन कर पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लंबे समय से जीआईसी को जाने वाली सड़क बदहाल है। जीआईसी के समीप पानी भरने से सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई है। शिकायत के बावजूद सड़क को ठीक करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। कीचड़ के कारण यहां पर आए दिन बाइक सवार घायल हो रहे हैं। दीपक तिवारी ने कहा कि पिथौरागढ़-सुकौली सड़क डिग्री कालेज, एसआईटी, जीआईसी, महादेव मंदिर, बौद्ध मंदिर, रामकृष्ण आश्रम, कौशल्या देवी मंदिर आदि को जोड़ती है। छात्र नेता नीरज मेहता और दिव्यांश धामी ने कहा कि सड़क को ठीक नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश पंत ने दिया आंदोलन को समर्थन
पिथौरागढ़। पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत ने एनएसयूआई के आंदोलन को समर्थन दिया। भाजपा के शासनकाल में जिले भर की सड़कें बदहाल हो गई हैं। बदहाल सड़कों में लोग आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इसके बाद भी सड़क को ठीक नहीं किया जा रहा है।
ये रहे शामिल
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष जगदीश धामी, राहुल लुंठी, कमल सूंठा, गौरव धामी, आशीष सुर्काली, शिवम पंत, लली दिगारी, केशर धामी, नीरज बोरा, धीरज प्रकाश मौजूद रहे।
खेतीगाड़ा-पनोली सड़क पूरी न होने पर महिलाआें में आक्रोश
पिथौरागढ़। खेतीगाड़ा-पनोली सड़क का निर्माण पूरा नहीं होने से महिलाओं में आक्रोश है। महिलाओं ने सरकार और लोनिवि के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने शीघ्र सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
बृहस्पतिवार को पूर्व जिपं सदस्य जगदीश कुमार के नेतृत्व में महिलाओं ने पनोली में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वो लंबे समय से सड़क का निर्माण पूरा करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जा रहा है। विभाग ने 1.5 किमी सड़क बनाकर निर्माण कार्य को अधूरा छोड़ दिया और सड़क में डामरीकरण भी नहीं किया गया। पूर्व जिपं सदस्य जगदीश कुमार ने कहा कि गंगोलीहाट विधानसभा क्षेत्र से दलित विधायक और सांसद सत्ता पार्टी के होने के बावजूद भी अनुसूचित जाति बहुल गांव की उपेक्षा हो रही है।
ये रहीं शामिल
भागुली देवी,कांता देवी, सापुली देवीकलावती देवी, मधुली देवी, चंपा देवी, तिरुली देवी।