मनरेगा में काम प्राप्त करने में यदि जॉब कार्डधारक को किसी प्रकार की कठिनाई हो रही हो तो केंद्र और राज्य सरकार ने कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी रोजगार की डिमांड करने का विकल्प दे दिया है। अक्सर ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, मनरेगा के रोजगार सहायक या फिर बीडीओ किसी जॉब कार्डधारक को जानबूझकर रोजगार से वंचित कर रहे थे। देश के कई हिस्सों से इस तरह की शिकायतें मिलने के बाद सीएससी को भी यह अधिकार दे दिया गया है कि वह मजदूरों की डिमांड को प्राप्त करें और उनको मौके पर ही रसीद दें। उनकी डिमांड को मेल और डाक के जरिए खंड विकास अधिकारी को भेजा जाए। ऐसे व्यक्ति को मनरेगा में शीघ्र काम मिल जाएगा।
जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी ने बताया कि अब तक मनरेगा में काम प्राप्त करने के लिए चार प्रकार की विंडो तैयार की गई थी। मनरेगा के रोजगार सहायक, प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी और बीडीओ के पास रोजगार का आवेदन जमा किया जाता था। अब सीएससी भी यह काम करने लगेगी। सीएससी ई-गवर्नेंस के माध्यम से खुली हैं। जिले में इनकी संख्या 400 है। डीडीओ ने बताया कि अब मनरेगा में काम पाने का इच्छुक कोई भी जॉबकार्डधारक वंचित नहीं रहेगा।
एक अप्रैल से बढ़ी एक रुपया मजदूरी
मनरेगा के मजदूरों को पहले 174 रुपये रोजाना की मजदूरी मिलती थी। केंद्र सरकार ने इस राशि में एक रुपये की बढ़ोतरी कर 175 रुपये प्रतिदिन कर दी है। यह मजदूरी एक अप्रैल से मजदूरों को मिलने लगी है। डीडीओ गोपाल गिरी ने बताया कि मजदूरों को भुगतान सीधे उनके खातों में किया जा रहा है। अब इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका नहीं है।