सीमांत के युवा हर क्षेत्र में अपना वर्चस्व साबित कर रहे हैं। धारचूला तहसील के सोसा गांव के अतुल ह्यांकी जल्द ही राफेल एयरक्राफ्ट उड़ाएंगे। अतुल इस समय वायुसेना में सुखोई, सुपर डाइमोना, एचटीपी 32, किरन एमकेएलए, मिग 21 आदि विमानों को सफलतापूर्वक उड़ा चुके हैं। वर्तमान में वे सुखोई 30 एमकेएल विमान पायलट और स्क्वाड्रन लीडर हैं। वह दिल्ली में युवा अधिकारियों को तकनीक भी सिखा रहे हैं। शीघ्र मिलने वाले राफेल के पायलट के तौर पर भी उनका चयन हुआ है।
ह्यांकी ने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में वर्ष 1995 से 2002 तक शिक्षा ग्रहण की। उनके पिता चंदन सिंह ह्यांकी बीएसएफ में सहायक सेनानी पद से सेवानिवृत्त हुए हैं तथा माता सुमित्रा ह्यांकी स्टेट बैंक में प्रबंधक हैं। पत्नी आवती देवी गृहणी हैं तथा भाई आशीष ह्यांकी पंजाब नेशनल बैंक में मैनेजर हैं। अतुल ह्यांकी का वर्ष 2002 में एनडीए के लिए चयन हुआ तथा वर्ष 2005-06 में भारतीय वायु सेना में नियुक्ति हुई। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद 17 जून 2006 को वायु सेना में अधिकारी के तौर पर नियुक्ति हुई। तब से उन्होंने अपनी उत्कृष्ट सेवाओं से प्रभावित करते हुए कई अवसरों पर उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
फोन पर बातचीत में अतुल ह्यांकी ने बताया कि उनका बचपन से ही नीले आकाश को छूने का सपना था तथा खुले आकाश में उड़ने वाले पक्षी और जहाज उन्हें बहुत आकर्षित करते थे। हमेशा मन में जिज्ञासा रहती थी कि पर्वत के पीछे क्या होगा। उन्होंने कहा कि वे आकाश से देश की सुरक्षा करना चाहते थे, इसी उत्साह को लेकर भारतीय वायु सेना में नियुक्ति ली तथा हर पल देश के सुरक्षा के लिए तत्पर हैं। वह कहते हैं कि उनको घर के विशेष अवसरों पर भी कम ही आने का अवसर मिलता है, लेकिन तसल्ली इस बात की रहती है कि हमारे चौकसी से देश तथा देशवासी सुरक्षित हैं। अतुल ह्यांकी अपने क्षेत्र धारचूला में काफी लोकप्रिय हैं। लोेग उन्हें रिएलिटिक हीरो के तौर पर देखते हैं।
रं कल्याण संस्था के केंद्रीय संरक्षक नृप सिंह नपलच्याल, चंद्र सिंह नपलच्याल, केंद्रीय अध्यक्ष महिमन गर्ब्याल, महासचिव करण ग्वाल, कृष्ण रौतेला, रं कल्याण संस्था के संरक्षक महिमन ह्यांकी, अशोक नबियाल ने कहा कि अतुल ह्यांकी युवाओं के रोल मॉडल हैं। सभी का कहना है कि सीमांत क्षेत्रों के युवाओं में अपार संभावनाएं हैं किंतु संसाधनों और सुविधाओं के अभाव में प्रतिभाएं निखर नहीं पाती हैं। इसीलिए रं कल्याण संस्था भी समय-समय पर कॅरिअर काउंसलिंग, कोचिंग आदि के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र के सेवा में आगे आने को प्रेरित करने का कार्य करती है।