पिथौरागढ़। टनकपुर-पिथौरागढ़ बारहमासी सड़क पर बनने वाले पिथौरागढ़ और लोहाघाट बाईपास की चौड़ाई अब 12 मीटर के बजाय 10 मीटर ही चौड़े बनेेंगे। बाईपास निर्माण के चलते पर्यावरण को नुकसान न हो इसलिए उच्चस्तरीय कमेटी (एचपीसी) ने एनएच का दोबारा सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। एनसी कंसल्टेंट दोनों बाईपास का दोबारा सर्वे करके एनएच को पर्यावरण को होने वाले नुकसान की रिपोर्ट देगा। इसके बाद एनएच उच्चस्तरीय कमेटी को रिपोर्ट भेजेगा तब जाकर बाईपास निर्माण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
टनकपुर- पिथौरागढ़ बारहमासी सड़क पर एंचोली से जाजरदेवल 17.26 किमी लंबा बाईपास और लोहाघाट- पुल्ला 9.91 किमी लंबा बाईपास प्रस्तावित है। बाईपास के निर्माण को लेकर एनएच की एनसी कंसल्टेंट ने दोनों बाईपास का सर्वे पूरा कर दिया था। बारहमासी सड़क के निरीक्षण में कुछ दिन पूर्व आई उच्चस्तरीय कमेटी (एचपीसी) ने पर्यावरण क्षति का आकलन किया। उच्चस्तरीय कमेटी का कहना है कि बारहमासी सड़क पर पर्यावरण काफी नुकसान हुआ है। सड़क निर्माण में कई हरे पेड़ों को काटा गया है। इस दौरान एनएच के अधिकारियों ने बारहमासी सड़क पर बनने में तीन बाईपास की जानकारी दी। एनएच के अधिकारियों ने बताया कि चंपावत, पिथौरागढ़ और लोहाघाट में बनने वाले बाईपास के लिए सर्वे पूरा हो गया है। इन बाईपास के निर्माण में करीब नौ हजार से अधिक पेड़ों को काटा जाना है। उच्चस्तरीय कमेटी का कहना था कि सड़क निर्माण में पहले ही पर्यावरण को काफी नुकसान हुआ है। इसलिए लोहाघाट और पिथौरागढ़ बाईपास की दोबारा सर्वे की जाए।
बाईपास निर्माण में कटने थे 8400 से अधिक पेड़
पिथौरागढ़। लोहाघाट, पिथौरागढ़ बाईपास निर्माण को लेकर जो सर्वे किया गया था उसमें 8400 से अधिक पेड़ आ रहे हैं। 9.91 किमी के लोहाघाट बाईपास में 4120 पेड़ और पिथौरागढ़ में प्रस्तावित 17.30 किमी के बाईपास पर 4300 पेड़ में आ रहे हैं। इन पेड़ों में काफी संख्या बांज और देवदार प्रजाति के पेड़ों की हैं। इसलिए उच्चस्तरीय कमेटी ने बाईपास की चौड़ाई घटाने और पर्यावरण नुकसान का दोबारा आकलन करने के निर्देश दिए हैं। (संवाद)
चंपावत बाईपास को लेकर असमंजस
पिथौरागढ़। निर्माणाधीन बारहमासी सड़क पर चंपावत का प्रस्तावित बाईपास में अभी असमंजस है। एनएच के ईई एलडी मथेला का कहना है कि चंपावत में मुड़ियानी से तिलौन तक 9.05 किमी के इस प्रस्तावित बाईपास को लेकर उच्चस्तरीय कमेटी ने आपत्ति जताई है। पुराने सर्वे के अनुसार इसमें करीब ये 2173 पेड़ काटे जाने थे। इसलिए उच्चस्तरीय कमेटी ने इसके निर्माण को लेकर आपत्ति जताई है। (संवाद)
बारहमासी सड़क पर प्रस्तावित पिथौरागढ़ -जाजरदेवल बाईपास और पुल्ला-लोहाघाट बाईपास अब 12 मीटर की जगह 10 मीटर चौड़े बनेंगे। कुछ दिन पूर्व पर्यावरण क्षति का आंकलन करने आई उच्चस्तरीय कमेटी (एचपीसी) ने ये निर्णय दिया है। कमेटी में चंपावत बाईपास के निर्माण को लेकर असमंजस जताया है। एनसी कंसल्टेंट को पिथौरागढ़ और लोहाघाट बाईपास की सर्वे दोबारा शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं। -एलडी मथेल, ईई एनएच निर्माण खंड लोहाघाट।