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Pithoragarh News: प्राण को त्याग करूं अब तन से, राम लखन सिय विरह तुम्हारे

Thu, 23 Oct 2025 10:43 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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अस्कोट की रामलीला में वन में राम-लक्ष्मण व सीता से भरत-शत्रुघन की मुलाकात का दृश्य। संवाद
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। अस्कोट में आयोजित रामलीला में भगवान राम के वनवास पर जाने के बाद राजा दशरथ का प्राण त्यागना, भरत का राम को अयोध्या लौटने का आग्रह करना आदि दृश्यों का मंचन किया गया।
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अस्कोट की रामलीला में मंत्री सुमंत ने जंगल से लौटकर राजा दशरथ को राम-लक्ष्मण व सीता के जंगल में कठिन जीवन के बारे बताया। इस पर दशरथ शोकाकुल हो कहते हैं प्राण को त्याग करूं अब तन से, राम लखन सिय विरह तुम्हारे। हा राम, हा लक्ष्मण कहते हुए दशरथ प्राण त्याग देते हैं। भरत-शत्रुघ्न ननिहाल से लौट आए हैं। वस्तुस्थिति का पता चलने पर भरत-शत्रुघ्न, कैकयी व मंथरा से नाराज होते हैं। वन में भरत के पहुंचने पर राम को पिता की मृत्यु का समाचार मिलता है। भरत, राम से अयोध्या लौटने की प्रार्थना करते हैं लेकिन श्रीराम पिता के वचनों के पालन की बात पर अडिग रहते हैं।
परिजनों से लंबी वार्तालाप के बाद गुरु वशिष्ठ के निर्णय से श्रीराम अपनी चरण पादुका भरत को देते हैं। भरत लौटकर अयोध्या में खड़ाऊं को राज सिंहासन पर विराजमान कर स्वयं नंदीग्राम में तपस्वी भेष में रहते हैं। इस दौरान आयोजन के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य भावना देवी, विशिष्ट अतिथि जिला फार्मासिस्ट संघ के अध्यक्ष विनोद खोलिया, क्षेत्र पंचायत सदस्य ईश्वर मेहता रहे। संचालन गोविंद भंडारी ने किया।
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