जिले में आधी रात के बाद तक जारी बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। बारिश को फसलों और सब्जियों के लिए बेहद फायदेमंद बताया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार अब जमीन में पर्याप्त नमी हो गई है। सूखी ठंड में होने वाला पाले का असर कम हो जाएगा। ऊंचाई वाले जिन इलाकों में हिमपात हुआ है, वहां पर सब्जी का उत्पादन बढ़ जाएगा।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. आरके सिंह ने बताया कि किसानों को अब खेतों में खाद डालनी चाहिए। साथ ही निराई शुरू करनी चाहिए। सब्जी के बीजों का रोपण भी किया जा सकता है। धनिया, पालक, राई की बुआई एक बार और की जा सकती है। कद्दू और लौकी के बीजों का रोपण किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन खेतों में लोग नहर के पानी से सिंचाई कर रहे हैं उसे अब बंद कर दिया जाए। ज्यादा पानी से फसल खराब होने की आशंका रहेगी। घाटी वाले इलाकों में अच्छी बारिश से नदियों का जलस्तर भी बढ़ा है। मोस्टामानू के किसान श्याम सिंह एवं इकबाल अहमद ने बताया कि बर्फबारी और बारिश फसलों के लिए वरदान साबित होगी।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-20.2 एमएम
मुनस्यारी-35.0 एमएम
धारचूला-21.0 एमएम
बेड़ीनाग-14.0 एमएम
गंगोलीहाट-4.5 एमएम
डीडीहाट-13.2 एमएम
मुनस्यारी में तापमान शून्य से नीचे गया
मुनस्यारी। शनिवार रात हुई बर्फबारी के कारण मुनस्यारी नगर का तापमान शून्य से नीचे चला गया है। रविवार सुबह मुनस्यारी का न्यूनतम तापमान माइनस 1.1 रिकार्ड किया गया। पिथौरागढ़ नगर का न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस रहा। धारचूला नगर में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री रहा। पूरा जिला कड़ाके की ठंड की चपेट में है। अभी कुछ दिनों तक ठंड का असर बना रहेगा।