पिथौरागढ़। आदि कैलाश यात्रा के बीच बसों की कमी यात्रियों और पर्यटकों पर भारी पड़ रही है। बसों की कमी के चलते धारचूला, झूलाघाट और पांगला रूट पर सेवाएं प्रभावित होने से यात्री और पर्यटक परेशान हैं। डिपो ने झूलाघाट और धारचूला रूट पर एक-एक सेवा का संचालन रोकना पड़ा है तो पांगला रूट पर सेवा पर पूरी तरह ब्रेक लग गया है।
पिथौरागढ़ डिपो के बेड़े में शामिल 70 में से पुरानी-खटारा होकर अपनी उम्र पार कर चुकीं 10 बसों को नीलामी के लिए टनकपुर भेज दिया है। पांच बसों में खराबी आने से ये वर्कशॉप में खड़ी हो गई हैं। ऐसे में डिपो के पास बसों की कमी होने से विभिन्न रूटों पर सेवाएं रोकनी पड़ी हैं। धारचूला और झूलाघाट रूट पर पूर्व में तीन-तीन तो पांगला रूट पर एक बस का संचालन हो रहा था। बसों की कमी हुई तो धारचूला और झूलाघाट रूट पर एक-एक सेवा को रोकना पड़ा है।
वहीं पांगला रूट पर एकमात्र बस सेवा पर भी ब्रेक लग गया है। इन दिनों आदि कैलाश यात्रा चरम पर है। बड़ी संख्या में यात्री आदि कैलाश यात्रा के लिए धारचूला और पांगला पहुंच रहे हैं। बस सेवा प्रभावित होने से यात्रियों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बसों की कमी के चलते यात्री टैक्सी में अधिक किराया देकर सफर करने के लिए मजबूर हैं।
चारधाम यात्रा में भेजी गईं तीन बसें
चारधाम यात्रा में बसें भेजने से जिले में रोडवेज व्यवस्था चरमरा गई है। डिपो के मुताबिक, तीन बसें चारधाम यात्रा में भेजी गई हैं। डिपो पहले से ही बसों की कमी से जूझ रहा है। चारधाम यात्रा में भेजने के बाद बसों की और कमी हो गई है इससे यात्री बेबस हैं।
कोट
खराब बसों को ठीक किया जा रहा है। इसके बाद व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। नई बसें मिलने की भी उम्मीद है। - रवि शेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो