पिथौरागढ़। पर्यटन नगरी मुनस्यारी में डीजल-पेट्रोल की किल्लत के पीछे पश्चिम एशिया का युद्ध नहीं बल्कि पंप स्वामी की लापरवाही सामने आई है। पेट्रोलियम कंपनी को ईधन की पैसे नहीं चुकाए तो आपूर्ति बंद कर दी गई। ऐसे में पर्यटन नगरी में डीजल-पेट्रोल की किल्लत होने से स्थानीय वाहन चालक और पर्यटक परेशान हैं। पूर्ति विभाग ने पंप स्वामी को नोटिस जारी कर शीघ्र कंपनी के पैसे चुकाने के निर्देश दिए हैं। यदि ऐसा नहीं हुआ तो संबंधित का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
दरअसल पर्यटन नगरी के एकमात्र पंप में डीजल-पेट्रोल खत्म होने से स्थानीय वाहन चालक और पर्यटक परेशान हैं। वाहनों में ईधन न होने से कई पर्यटकों का यहां से निकलना मुश्किल हो गया है। डीजल-पेट्रोल की किल्लत के पीछे पश्चित एशिया में चल रहा युद्ध समझा जा रहा था। जब पूर्ति विभाग ने मामले की पड़ताल की तो सामने आया कि संबंधित पंप स्वामी ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी को 45 लाख रुपये का भुगतान करना है। लंबे समय से भुगतान न होने से कंपनी ने पंप को ईधन देना बंद कर दिया तो पर्यटन नगरी में इसी किल्लत हुई है। मामले का खुलासा होने पर पूर्ति विभाग ने संबंधित पंप स्वामी को नोटिस जारी कर जल्द कंपनी का भुगतान करने के निर्देश जारी किए हैं। यदि भुगतान नहीं हुआ तो संबंधित का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
जिला मुख्यालय से बैरल में भेजा जाएगा ईधन
पिथौरागढ़। पर्यटन नगरी में वाहनों के ईधन न मिलने से पर्यटकों के साथ ही स्थानीय वाहन चालक परेशान हैं। ईधन न मिलने से वाहन खड़े हैं इससे चालकों और स्वामियों के साथ ही यात्रियों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए पूर्ति विभाग ने बैरलों में मुनस्यारी ईधन भेजने का निर्णय लिया है। जिला मुख्यालय से ईधन भेजकर वाहन चालकों और पर्यटकों को यह उपलब्ध कराया जाएगा। संवाद
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कोट-कंपनी की तरफ से ईधन की आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं है। संबंधित पंप स्वामी ने कंपनी को भुगतान नहीं किया है। ऐसे में कंपनी ने पंप को ईधन उपलब्ध कराना बंद किया है। पंप स्वामी को नोटिस जारी कर शीघ्र भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। यदि ऐसा नहीं किया तो संबंधित का लाइसेंस भी निरस्त कर दिया जाएगा। पर्यटकों और स्थानीय वाहन स्वामियों की दिक्कत को देखते हुए बैरल से ईधन भेजने का निर्णय लिया गया है।
विनय कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी, पिथौरागढ़