ब्लॉस्टिंग के दौरान पहाड़ टूटने से बंद हुई पिथौरागढ़-धारचूला सड़क चौथे दिन भी यातायात के लिए नहीं खुल सकी। सड़क बंद होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डीडीहाट और धारचूला के लोग थल रूट से आवागमन कर रहे हैं। कुछ यात्री चट्टानी मार्ग से जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हो रहे हैं।
पिथौरागढ़ से धारचूला के लिए नेशनल हाईवे का चौड़ीकरण किया जा रहा है। 19 मार्च को जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर गुड़ौली के समीप कटिंग के लिए की गई ब्लॉस्टिंग से पूरी पहाड़ी दरककर सड़क पर आ गई थी। सीमा सड़क संगठन की ओर से मलबे को हटाने के लिए मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन सड़क पर भारी मात्रा में पड़ा मलबा और बोल्डर अभी तक नहीं हटाए जा सके हैं। पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने से काम प्रभावित हो रहा है।
शुक्रवार को भी सड़क पर पड़ी चट्टानों को नहीं हटाया जा सका। इसके चलते धारचूला और डीडीहाट के लिए वाहनों का संचालन मुवानी-थल रूट से करना पड़ा। अधिकांश यात्री जान जोखिम में डालकर पहाड़ी मार्ग से दूसरी ओर पहुंच रहे हैं। सामान के साथ पहाड़ी मार्ग से चलना बेहद जोखिम भरा बना हुआ है। वाहन संचालन बंद होने से अजाड़ीगांव, मलान, गुड़ौली, बंदरलीमा के लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है। सड़क बंद होने से धारचूला, डीडीहाट, भागीचौरा क्षेत्र के लिए जरूरी सामान गैस के वाहन भी थल मार्ग से संचालित हो रहे हैं। बंदरलीमा, हचीला, चर्मा के लिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति डीडीहाट-ओगला से हो रही है। पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने के कारण फिलहाल आवागमन सुुचारु होने की संभावना नहीं है।