अस्कोट (पिथौरागढ़)। पशु अस्पताल में जून 2019 से चिकित्सक नहीं होने से पशुपालकों को दिक्कत हो रही है।
क्षेत्र के पशुपालकों को बीमा, पोस्टमार्टम, गंभीर रूप से बीमार पशुओं के इलाज के लिए कभी डीडीहाट तो कभी जौलजीबी की दौड़ लगानी पड़ रही है। पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान से लेकर छोटे मोटे इलाज फार्मासिस्ट लोकमणि भट्ट कर रहे हैं। पशुपालक हरी राम, आन सिंह, विक्रम सिंह, सुशील पाल, टिकेंद्र सिंह, भूपाल सिंह, किरन धामी, खगेंद्र ठाकुर आदि का कहना है कि लंबे समय से पशु चिकित्सक नहीं होने से 35 गांवों के पशुपालकों को परेशानी हो रही है। कई बार मांग के बावजूद विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। फार्मासिस्ट भट्ट ने बताया चिकित्सक की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों से अनुरोध किया गया है।