फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

23 साल बाद भी गैस गोदाम का उपयोग नहीं

Fri, 04 May 2018 10:27 PM IST
केबी पाल/अमर उजाला, अस्कोट
विज्ञापन
अस्कोट के बैड़ा में बने गैस गोदाम से उखाड़ी गई टिन की चादरें - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

बैड़ा में 23 साल पहले बने गैस गोदाम का संचालन सरकार, केएमवीएन और जिला प्रशासन अब तक नहीं करा पाया है। इस कारण क्षेत्र में 20 किमी दूर डीडीहाट से रसोई गैस की आपूर्ति होती है। खाली पड़े गैस गोदाम के भवन पर अराजक तत्वों की नजर लग गई है। छह दिन पहले अराजक तत्वों ने गैस गोदाम के भवन में लगे लोहे के सात टिन उखाड़ लिए थे, जिन्हें लोगों के प्रयासों से जंगल से बरामद किया गया है।

विज्ञापन


वर्ष 1995 में तत्कालीन जिलाधिकारी अमरेंद्र सिन्हा के प्रयासों से बैड़ा में जिला योजना से गैस गोदाम का निर्माण कराया गया। गैस गोदाम के दो कमरों के साथ ही एक कमरा चौकीदार के लिए अलग से बनाया गया। इलाके के लोगों को उम्मीद थी कि अब घर के पास से उन्हें रसोई गैस की सप्लाई होगी, लेकिन 23 साल बाद भी इस गोदाम का संचालन नहीं हुआ। करीब दो लाख रुपये की लागत से बना यह भवन खंडहर होने की कगार पर पहुंच गया है। लावारिस छोड़े गए भवन पर असामाजिक तत्वों की नजर लगी है।

29 अप्रैल को असामाजिक तत्व गैस गोदाम के भवन की छत में लगे सात टिन उखाड़ ले गए। क्षेत्र के लोगों को टिन चोरी होने का पता 30 अप्रैल को लगा। सामाजिक कार्यकर्ता पूर्व प्रधान तारा सिंह बिष्ट ने टिनों की खोज शुरू कराई। 2 मई को बैड़ा के जंगल से सातों टिन बरामद हुए। क्षेत्र के लोगों ने जंगल से टिन लाकर भवन में रख दिए हैं। पूर्व प्रधान तारा सिंह बिष्ट ने कहा है कि सरकारी संपत्ति को इस तरह लावारिस नहीं छोड़ना चाहिए। बैड़ा में गैस एजेंसी को मंजूरी देकर इस भवन का उपयोग करना चाहिए।
विज्ञापन


भवन के संचालन के संबंध में केएमवीएन से संपर्क किया जाएगा। बैड़ा में गैस एजेंसी स्वीकृत कराने का प्रयास किया जाएगा। भवन को नुकसान पहुंचा रहे अराजक तत्वों का पहचान कराई जाएगी, उन्हें दंडित किया जाएगा। -वैभव गुप्ता, एसडीएम, डीडीहाट

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें